पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Here Shah Pir Baba Fulfills The All Wishes

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

यहां हर मुरादें पूरी कर देते हैं अनजान शाह पीर बाबा!

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिमडेगा. झारखंड के नक्सल प्रभावित जिले सिमडेगा के कोलेबिरा थाना परिसर स्थित हजरत सूफी शाह कयामुद्दीन उर्फ अनजान शाह पीर बाबा रह सबों की मन्नतें पूरी करते हैं। यह मजार हिन्दू-मुस्लिम एकता का परिचायक है। बाबा अंजान शाह के मजार में हर साल सभी धर्म संप्रदाय के लोग पहुंचते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं और बाबा सभी की मुरादें पूरी करते हैं। मजार शरीफ में हर साल दो दिवसीय उर्स शरीफ का आयोजन होता है। जिसमें झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, बंगाल सहित अन्य राज्यों से हजारों लोग पहुंचते हैं और बाबा के मजार में चादरपोशी करते हैं। इस वर्ष 15 व 16 जुलाई को आयोजित होने वाले उर्स शरीफ के मौके पर कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाऐंगे। मजार शरीफ के बारे में बताया जाता है कि हजरत कयामुद्दीन बहादुर शाह जाफर के शासनकाल में बाबा अंजान शाह कोलेबिरा आए थे। कुछ अर्से के बाद वे पर्दा कर गए और वहीं पर उनका मजार ए अकदस बना दिया गया। वे अंग्रेजी सेना के कमांडो थे और वहीं पर उनका कैंप था। बताया जाता है कि ब्रिटिश शासनकाल में अंग्रेजी हुकूमत के द्वारा कोलेबिरा में थाना बनाने का निर्णय लिया गया था। जिस स्थान पर हजरत कयामुद्दीन बाबा की समाधि थी वहीं पर थाना बनाने का काम शुरू हुआ था। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने जैसे ही वहां नींव खुदाई का काम शुरू किया तो मजदूरों की कुदाल जमीन पर चिपक गई और पांचों मजदूरों के पैर भी वहीं जम गए। पांचों मजदूर वहां से हिल नहीं सके। यह सूचना मिलने पर थाना भवन निर्माण से जुड़े अंग्रेज अफसर दंग रह गए। उस रात जब लोग सो गए तो कुछ लोगों को पीर बाबा ने ख्वाब में दिखाया कि तुमलोग थाना बनाओ यह अच्छी बात है लेकिन मेरे समाधि स्थल को छोड़कर। बाबा का ख्वाब आने के बाद लोगों ने समाधि स्थल पर जाकर अनजान शाह बाबा से माफी मांगी और समाधि को थाना भवन के अंदर रखते हुए निर्माण कार्य शुरू किया। इसके बाद बाबा के समाधि स्थल पर ब्रिटिश सरकार द्वारा एक मकबरा बनवाया गया। इसके बाद वर्ष 1911 ई. में यहां थाना शुरू हुआ और इसके बाद से आजतक लोग बाबा के दरबार में पहुंचकर अपनी मुरादें पूरी करते हैं और खुशी-खुशी वापस लौटते हैं। बाबा अनजान शाह की मजार शरीफ पर रमजान महीने के शुरू होने से पहले उर्स शरीफ का आयोजन होता है और हर धर्म संप्रदाय के लोग उर्स में शामिल होकर बाबा की मजार पर चादरपोशी करते हैं। पुलिस विभाग की ओर से होगी पहली चादरपोशी अनजान शाह पीर बाबा रह0 के मजार पर बुधवार से आयोजित होने वाले दो दिवसीय उर्स शरीफ में पहली चादर जिला पुलिस की ओर से चढ़ाई जाएगी। चली आ रही परम्परा के अनुसार जिले के पुलिस कप्तान मजार शरीफ में पहली चादरपोशी करेंगे इसके बाद कोलेबिरा अंजुमन के तरफ से चादरपोशी होगी। उर्स शरीफ के मौके पर होंगे कई कार्यक्रम कोलेबिरा थाना परिसर स्थित हजरत सूफी शाह कयामुद्दीन उर्फ अनजान शाह पीर बाबा के मजार शरीफ पर कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। उक्त जानकारी देते हुए मजार शरीफ के खादिम अब्दुल बारिक शाह हसन ने बताया कि उर्स शरीफ के पहले दिन की सुबह गुस्ल ए संदल, कुरआन ख्वानी, दोपहर में चादरपोशी, शाम 5 बजे से लंगरख्वानी तथा दूसरे दिन सुबह कुल का छींटा, 8 बजे से चादरपोशी, शाम में मिलादुन्नबी तथा शाम में लंगरख्वानी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आपका अधिकतर समय परिवार तथा फाइनेंस से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में व्यतीत होगा। और सकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। किसी भी परेशानी में नजदीकी संबंधी का सहयोग आपके लिए वरदान साबित होगा।। न...

और पढ़ें