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17 दागी अफसरों को कैसे बना दिया आईएएस : हाईकोर्ट

7 वर्ष पहले
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रांची. हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की प्रोन्नति के तरीके पर सवाल उठाए हैं। साथ ही राज्य सरकार और यूपीएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। राज्य प्रशासनिक अधिकारी भवानी प्रसाद दास की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को हाईकोर्ट ने पूछा कि 17 दागी अफसरों को कैसे प्रोन्नति दे दी गई। कोर्ट ने 14 अक्टूबर तक जवाब देने काे कहा है। साथ ही इस मामले की अंतिम सुनवाई तक वर्ष 2011 में आईएएस के तीन पदों के विरुद्ध एक पद को नहीं भरने का आदेश दिया है।
क्या है याचिका में
याचिका में भवानी प्रसाद दास ने कहा है कि सरकार ने जान-बूझकर उनके नाम की अनुशंसा यूपीएससी को नहीं भेजी, वहीं 17 दागी अफसरों की प्रोन्नति के लिए नाम भेज दिए, जिन्हें इसी आधार पर आईएएस भी बना दिया गया। प्रार्थी ने कहा है कि उनका 10 साल का रिकाॅर्ड अच्छा रहा है। बीच में पांच माह का रिकाॅर्ड अच्छा नहीं था, जिसे बाद में संशोधित कर ठीक कर दिया गया। राज्य सरकार द्वारा संशोधन की जानकारी यूपीएससी को नहीं देने के कारण प्रोन्नति का लाभ लेने से वे वंचित रह गये।
प्रार्थी ने दिए गलत प्रोन्नति लेने वालों के नाम
सत्येंद्र तिवारी, विनोद कुमार मिश्र, शशिभूषण सिंह, केएस श्रीवास्तव, विनोद शंकर सिंह, आरपी सिंह, सुमन कुमार, राजकुमार, मनोज कुमार, भगवान दास, शिवेंद्र सिंह, विजय कुमार सिंह, उमेश प्रसाद सिंह, मनोज कुमार झा, बालेंदु भूषण, आनंद मूर्ति तथा दिनेश चंद्र मिश्रा शामिल हैं।
33 में से 31 को दी गई प्रोन्नति

राज्य प्रशासनिक सेवा के 31 पदाधिकारियों को आईएएस पद पर प्रोन्नति दी गई है। ये प्रोन्नति वर्ष 2010 और 2011 के रिक्त पदों के विरुद्ध दी गई है। शेष दो पदों में एक पद को सुरक्षित रखने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है।
प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट का निर्देश
प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में उम्रसीमा की छूट दी जाएगी। हाईकोर्ट ने अखिलेश कुमार, दशरथ महतो व अन्य द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया है कि वैसे अभ्यर्थियों को नियुक्त करें जिन्होंने वर्ष 2011 में निकाले गए विज्ञापन के आधार पर परीक्षा दी थी और इसमें सफल हुए थे। सरकार को इस संबंध में आदेश निकालने के लिए दो सप्ताह का मौका दिया गया है। इसके बाद सरकार के पास आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को अगले पंद्रह दिनों का समय दिया है। हालांकि जिलावार होने वाली इन नियुक्तियों में डाल्टनगंज और रांची के लिए यह आदेश लागू नहीं होगा।