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  • झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या बढ़ी, सरकारी जांच रिपोर्ट में पुष्टि

राज्य में सेहत के सौदागरों की फौज, अन्य राज्यों से ला रहे फर्जी डिग्री

6 वर्ष पहले
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रांची। झारखंड में झोलाछाप डॉक्टरों की फौज तैयार हो रही है। बिहार तथा अन्य राज्यों से डॉक्टरी की फर्जी डिग्री लेकर आने वाले छात्र झारखंड में निबंधन कराकर डॉक्टरी कर रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देश के बाद हुई जांच में भी इसकी पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड राज्य आयुष चिकित्सा परिषद में दर्जनों एेसे डॉक्टरों का निबंधन हुआ है जिनकी डिग्री फर्जी है।
जांच करने वाले अधिकारी ने इस पूरे मामले में गहरी साजिश की बू आने तथा इसकी जांच निगरानी से कराने की भी अनुशंसा की है। पूरे मामले में झारखंड आयुष चिकित्सा परिषद के निबंधक डॉ. ज्योतिष चंद्र सिंह की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. सिंह से सरकार ने स्पष्टीकरण पूछा है।

क्या है मामला
झारखंड में बिहार से बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की डिग्री लेकर आने वाले छात्रों का धड़ल्ले से रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। यह जांचे बिना कि ये डिग्रियां असली हैं या नकली। खुद बिहार में इन डिग्रीधारियों का निबंधन नहीं हो रहा है। बिहार में जिस व्यक्ति द्वारा यह डिग्रियां बांटी जा रही हैं, उसे बिहार सरकार ने फर्जी बताया है। झारखंड आयुर्वेदिक काउंसिल के अधिकारी इन डिग्रीधारियों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर मोटी राशि भी वसूल रहे हैं।
बिहार की फर्जी डिग्री पर झारखंड में निबंधन कराकर कर रहे डॉक्टरी
सरकार ने दिए थे जांच के आदेश
डीबी स्टार में मामला प्रकाश में आने के बाद सरकार ने 18 नवंबर 2014 को निदेशक आयुष से 20 दिनों में इसपर अपनी रिपोर्ट देने को कहा था। निदेशक आयुष ने इस पूरे मामले की जांच के लिए उप निदेशक (आयुष) मीरा चौधरी को अधिकृत किया। डॉ चौधरी ने अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में उन्होंने भारी गड़बड़ी किए जाने की बात स्वीकार की है।
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