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डाउनलोड करेंरांची/धनबाद. आईटीआई धनबाद में परीक्षा देने वाले छात्रों को पांच हजार रुपए में आंसर बेचे जा रहे थे। रुपए देने वाले छात्रों को आईटीआई के शिक्षकों ने परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर तैयार कर उपलब्ध कराने का दावा किया था। दर्जनों परीक्षार्थियों ने इसकी शिकायत दैनिक भास्कर से की थी।
परीक्षा हॉल में बांटते हैं प्रश्न पत्र के साथ उत्तर पुस्तिका भी
आईटीआई में परीक्षा सिर्फ नाम की होती है, क्योंकि यहां सब कुछ मैनेज होता है। छात्रों को परीक्षा हॉल में आईटीआई के टीचर्स प्रश्नपत्र के साथ-साथ हाथों से लिखी गई उत्तर पुस्तिका भी देते हैं। उत्तर पुस्तिका में उन्हें सवालों के जवाब होते हैं, जो प्रश्न पत्र में होते हैं। दैनिक भास्कर ने पहले भी इसका खुलासा किया है।
भास्कर ने शुक्रवार को परीक्षा लिया, तो शिकायत सही पाई गई।ज्यादातर परीक्षार्थियों के पास परीक्षा में पूछे गए सवालों के जवाब मौजूद थे। परीक्षार्थी जवाबों को हू-ब-हू आंसर शीट पर उतारने में जुटे थे।
भास्कर के फोटो जर्नलिस्ट ने जब नकल करते परीक्षार्थियों की तस्वीरें खींचीं, तो संस्थान के टीचर्सभड़क गए। उन्होंने कैमरा छीन कर तोड़ डाला।श्रम एवं नियोजन विभाग के सचिव विष्णु कुमार ने मामले की जांच करने का आदेश दिया है। डीसी को उडऩ दस्ता गठित कर आने वाले दिनों की परीक्षाओं की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है।
दो इंस्ट्रक्टर कर रहे थे वसूली
आईटीआई परीक्षा में छात्रों को आंसर उपलब्ध कराने के नाम पर चल रही वसूली में मशीनिस्ट के इंस्ट्रक्टर सौरभ पांडेय और वेल्डर के इंस्ट्रक्टर धीरेंद्र कुमार सक्रिय थे। दोनों इंस्ट्रक्टरों के मोबाइल फोन नंबर परीक्षार्थियों के बीच बांटे गए थे।सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा से पहले इन दोनों से बात करने को कहा गया था। बात करने पर परीक्षार्थियों से आंसरके लिए पांच हजार रुपए मांगे जाते थे। रुपए नहीं देने वालों को परीक्षा में परेशानी की धमकी दी जा रही थी।
न पर्यवेक्षक और न पुलिस बल
आईटीआई परीक्षा के दौरान न नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक सेंटर पर थे और न ही पुलिस बल वहां मौजूद था। श्रम एवं नियोजन विभाग के सचिव विष्णु कुमार ने बताया कि परीक्षा के पहले दिन ही पर्यवेक्षक और पुलिस बल नदारद थे। इसकी जांच की जाएगी कि आखिर किस परिस्थिति में दोनों गैरहाजिर थे। फोटो जर्नलिस्ट से पहले की हाथापाई
24 घंटे में मांगा
स्पष्टीकरण श्रम एवं नियोजन विभाग के सचिव विष्णु कुमार ने आईटीआई धनबाद के प्राचार्य आरपी सिंह और पर्यवेक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। पर्यवेक्षक से केंद्र से गायब रहने और प्राचार्य से परीक्षा में नकल की छूट पर जवाब मांगा गया है।दोनों को 24 घंटों के अंदर जवाब देने को कहा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी डायरेक्टर ने की जांच
नकल की सूचना मिलने पर श्रम एवं नियोजन विभाग के सचिव के निर्देश पर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर गुप्तदेव ठाकुर जांच के लिए आईटीआई पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिकायत उन्हें भी मिली है। उन्होंने फोटो जर्नलिस्ट से मारपीट को गंभीर करार दिया। वे मामले की जांच रिपोर्ट शनिवार को सचिव को सौंपेंगे।
मिली थीं शिकायतें : सचिव
श्रम एवं नियोजन विभाग के सचिव विष्णु कुमार ने बताया कि आईटीआई धनबाद में परीक्षा में कदाचार समेत कई अन्य शिकायतें मिल रही हैं।मामले की गहन जांच के लिए राज्य स्तर पर एक टीम गठित की गई है। टीम को परीक्षा में होने वाली चोरी की घटनाओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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