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जारी है पाला बदलने का खेल, अमित महतो व हाजरा ने बदली पार्टी

7 वर्ष पहले
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रांची. झारखंड में चुनाव की घोषणा होते ही कई दलों के नेता तेजी से पाला बदल रहे हैं। टिकट की बेचैनी ऐसी कि एक दल से दूसरे दल में जाने से जरा भी संकोच नहीं कर रहे हैं। गुरुवार को पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने कांग्रेस का दामन थामा। इससे पूर्व वे भाजपा में गए, फिर झामुमो से संपर्क साधा। यहां बात नहीं बनी, तो कांग्रेस की शरण में चले गए। इसी तरह हटिया से आजसू विधायक नवीन जायसवाल ने भाजपा को हटिया सीट मिलने के बाद झाविमो का दामन थाम लिया। हाल ही में भाजपा में शामिल होने वाले अमित महतो ने भी सिल्ली सीट आजसू के कोटे में जाने के बाद झामुमो की शरण ले ली। वे पहले झामुमो में ही थे।
दुलाल की दौड़ खत्म, कांग्रेस में शामिल
पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां की चुनावी भाग दौड़ फिलहाल समाप्त हो गई। वह अपने समर्थकों के साथ गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी ताराचंद भगाेरा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ ही भाजपा छोड़ने वाले हिकिमचंद महतो भी कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस भवन रांची में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने दुलाल भुइंया को झारखंड आंदोलनकारी बताया। कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने की शर्त पर शामिल नहीं कराया है। लेकिन कांग्रेस के लोग चाहते हैं कि उन्हें टिकट
दिया जाए।
दो माह में तीसरी पार्टी
दुलाल भुइंया दो माह में तीसरी पार्टी में पहुंच गए। सबसे पहले वह झामुमो में थे। झामुमो छोड़कर वह झाविमो में शामिल हुए थे। अभी हाल में ही वह झाविमो को छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। वह जुगसलाई से टिकट चाहते थे लेकिन भाजपा और आजसू के बीच समझौते की वजह से उनका टिकट कट गया। तब उन्होंने झामुमो से संपर्क बढ़ाया। वह हेमंत सोरेन से भी मिले। उस समय मीडिया से कहा कि वह झामुमो में शामिल हो गए। जब झामुमो ने भी टिकट नहीं दिया तब वह कांग्रेस के संपर्क में आए। तब तक कांग्रेस जुगसलाई से अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी थी। इसके बाद कांग्रेस ने आनन फानन में सिल्ली एवं जुगसलाई के उम्मीदवारों को स्थगित कर दिया। इसके बाद दुलाल ने गुरुवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया।
ये नेता भी आए कांग्रेस में
सारठ के जिला परिषद सदस्य सुरेन्द्र रवानी,पंचायत समिति के सदस्य दामोदर गिरी के अलावा सुभाष चन्द्र मंडल, नवल कुमार, युद्धस्तर मंडल, परमेश्वर मंडल, किशोरी रवानी, गजाधर मंडल, मोहफिज अंसारी, पवन कुमार, विक्की सिंह, अताउला अंसारी, रामशरण यादव , अजय कुमार सिंह, अशोक मंडल, वरूण खान, निजाम,,मनीर अंसारी, लवेश्वर टूडू, जगदीश मेहरा ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश सह प्रभारी ताराचंद भगोरा, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, फुरकान अंसारी, शमशेर आलम, रविन्द्र सिंह राजेश ठाकुर एवं लाल किशोर शाहदेव ने नए कांग्रेस सदस्यों को माला पहनाकर स्वागत किया।
बड़ी भूल थी: दुलाल
दुलाल ने गुरुवार को भास्कर से बात करते हुए कहा कि भाजपा में जाना उनकी सबसे बड़ी भूल थी। भाजपा में दलित नेता की पूछ नहीं है। लगे हाथ उन्होंने यह भी कह दिया कि झामुमो ने भी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। वह झामुमो में हेमंत से मिलने गए थे। उन्हें छह घंटा तक बैठा दिया। उ्न्होंने कहा कि वह सेवा करने अाए हैं टिकट के लिए कांग्रेस की सदस्यता नहीं ली है।
नवीन जायसवाल ने थामा झाविमो का हाथ, हटिया से लड़ेंगे चुनाव
हटिया के आजसू विधायक नवीन जायसवाल अपने समर्थकों के साथ झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के समक्ष झाविमो में शामिल हो गए। पार्टी कार्यालय डिबडीह में ढोल-नगाड़े के साथ जायसवाल हजारों समर्थकों के साथ पहुंचे। मरांडी ने नवीन जायसवाल और उनके समर्थकों को माला पहनाकर स्वागत किया। मरांडी ने कहा कि आज का दिन विधानसभा चुनाव के मद्देनजर काफी निर्णायक है। नवीन के पास कई विकल्प थे या फिर वे खुद इतने सक्षम हैं कि अपने बूते चुनाव लड़ सकते थे परंतु उन्होंने झाविमो पर आस्था व्यक्त की। पार्टी उनका आभार व्यक्त करती है। अध्यक्षता राजीव रंजन मिश्रा व संचालन सुनील गुप्ता ने किया। उनके साथ अजीत उरांव, लक्ष्मण कच्छप, संदीप विमल खलको, मुखिया निकलोस एक्का, राजेन्द्र खलखो, कृष्णा भगत, रामचंद्र राम के अलावा वरुण साहू, कुंदन सिंह, संजय राय, अजीत भगत, अभिषेक सिंह, राहुल, दीपक, अली नवाब, जावेद, नईम आलम, सलाउद्दीन, कृष्णा उरांव, जेम्स बांड खलखो सहित सैकड़ों कार्यकर्ता भी पार्टी में शामिल हो गए।
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