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विधानसभा चुनाव 2014, क्या कुछ ऐसा होगा पार्टियों का मेनिफेस्टो

7 वर्ष पहले
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रांची. सरकार चलाने के वादे-इरादे बताने वाली इस किताब के पन्नों में क्या दर्ज होना चाहिए, उनकी प्राथमिकता क्या होनी चाहिए- यह जानने-समझने के लिए दैनिक भास्कर ने अपने राज्य के प्रमुख संस्थानों के छात्रों को यह दायित्व सौंपा। मेनिफेस्टो तैयार करने वाली यह वह जमात है जो अगले कुछ वर्षों में देश-विदेश के प्रमुख संस्थानों को अपने विजन से और आगे ले जाएगी। दैनिक भास्कर ने छात्रों से कहा कि यदि रहनुमाई के दावे के साथ आपको जनता के बीच जाना होगा, तो आप कैसा सपनों का झारखंड बनाएंगे। विधानसभा चुनाव 2014 के लिए छात्रों की ओर से तैयार किए गए घोषणा पत्र में एक बहुत सीधी और सपाट बात लिखी है- अच्छी सरकार वही मानी जाती है जिसे पता हो कि जनता की समस्याएं क्या हैं? असफल सरकार वह है जो जनता की समस्याओं, उनके मुद्दों और आकांक्षाओं को ठीक से चिह्नित न कर पाए। सरकार किसी भी दल की बने। उसे यह तो पता होना ही चाहिए कि अगले पांच वर्षों में ऐसा क्या करना चाहिए कि हमारे राज्य में विकास की उर्वर जमीन तैयार हो सके। पता होना ही चाहिए कि किस एरिया पर फोकस करने से सर्वाधिक बेहतर रिजल्ट मिलेगा। कहां राजनीतिक संकल्प और कहां प्रशासनिक सुधार की जरूरत है। प्रमुख संस्थानों की ओर से तैयार घोषणा-पत्रों की पहली कड़ी में जनता की ओर से और से जनता के लिए तैयार किया गया प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम, रांची के छात्रों का घोषणा पत्र।
जुड़ेगा पूरा राज्य
भौगोलिक रूप से राज्य की संरचना ऐसी है कि यहां अच्छी सड़कों का होना बहुत जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ा जाएगा। अच्छी संचार व्यवस्था उद्योगों की भी पहली जरूरत है। राज्य के दुर्गम दलाकों के लिए अलग कनेक्टिविटी पॉलिसी बनाई जाएगी। इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा कि ग्रामीण इलाकों में सड़कें सीधे अस्पताल, स्कूल और मुख्य सड़क को जोड़ें।
क्योंकि
खराब संचार व्यवस्था के कारण राज्य के लोगों को जान तक की हानि झेलनी पड़ती है। उद्योग राज्य से दूर रह जाते हैं।
झारखंड संभवत: देश का पहला ऐसा राज्य है जिसका गठन भाषा, जाति या भूगोल के आधार पर नहीं हुआ। राज्य का गठन आदिवासी अस्मिता की राजनीतिक पहचान की जरूरत को समझते हुए हुआ। आदिवासियों के विकास के लिए कारगर नीति बनाई जाएगी। जिसमें विस्थापन और रोजगार की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। विकास का एक समावेशी मॉडल तैयार किया जाएगा।
क्योंकि
इसकी वजह से राज्य सरकार के प्रति लोगों में असंतोष पैदा होता है, जिसका फायदा उग्रवादी संगठन उठाते हैं।
इन पर भी फोकस
  • महिला शिक्षा पर जोर रहेगा। छात्राओं को उच्च शिक्षा तक नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। स्थानीय नियुक्ति में भी महिलाओं को अलग से आरक्षण का प्रावधान होगा।
  • आवागमन की सुविधा के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाया जाएगा।
  • राज्य में कुटीर उद्योग, लघु उद्योग, हैंडिक्राफ्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • राज्य में नक्सलियों के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया जाएगा।
  • उत्खनन से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे इसके लिए भी नई नीति तैयार की जाएगी।
  • खाद्य सुरक्षा अधिकार को लागू किया जाएगा।
  • भ्रष्टाचारियों के लिए नई नीति तैयार की जाएगी।
  • रांची के आसपास क्षेत्र में शहर को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। ताकि राजधानी पर आबादी के दबाव को कम किया जा सके।
  • बेहतर कानून व्यवस्था के लिए बजट को बढ़ाया जाएगा।
आगे की स्लाइड में पढ़िए राज्य को बनाना है एजुकेशन हब।