रांची. रामगढ़ और ईचागढ़ को छोड़ दें तो मंगलवार को राज्य की पेटी वाले इलाकों में भी भरपेट वोट पड़ा। पेटी वाला इलाका इसलिए कि पांच चरणों में हो रहे चुनाव में मंगलवार को जहां वह मतदान हुआ वह मध्य में है। कोल्हान की तरह यह क्षेत्र कभी भी हेवी पोलिंग के लिए नहीं जाना जाता रहा है फिर भी 2009 की तुलना में यहां तकरीबन साढ़े चार फीसदी वोटों में इजाफा हुआ है। इस चरण में जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हुआ वे राजधानी रांची को एनएच 2 से जोड़ने वाली सड़क के आजू-बाजू अवस्थित हैं। हाइवे पर बसे कई छोटे-बड़े कस्बे व शहर भी है। वोटिंग का पैटर्न यहां भी शहर बनाम गांव वाला ही रहा। शहरी क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुरूप वोटर नहीं निकले तो गांवों में मजे का मतदान हुआ।
ग्रामीण इलाकों में मजे के वोट पड़े। इस चरण में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी समेत तमाम नामचीन चेहरों की किस्मत का फैसला मतदाताओं ने कर दिया है। 23 को आने वाला परिणाम बताएगा कि मतदाताओं का मिजाज किससे मेल खाया।
गांवों के वोटरों में ज्यादा दिखा उत्साह
बूथों पर अहले सुबह 6.30 बजे से ही मतदान करने वालों की भीड़ लगी रही। महिलाओं व युवाओं की लंबी कतार रही। पुरुष मतदाता भी पीछे नहीं रहे। कई जगह लोग एंबुलेंस पर तो कुछ लोग व्हील चेयर पर वोट देने पहुंचे। शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में वोट देने का रुझान ज्यादा रहा। प्रशासन का जागरूकता अिभयान सार्थक रहा।