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\'झारखंड पिछड़ा राज्य है और इसके विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी\'

8 वर्ष पहले
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रांची/लातेहार. केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि केंद्र सरकार झारखंड की स्थिति का आकलन कर रही है। कुछ लोग चाहते हैं कि विधानसभा भंग हो, जबकि कुछ चाहते हैं कि सरकार बने। वे राज्य की स्थिति का आकलन करने आए हैं। इसपर सही समय पर दिल्ली में उचित निर्णय लिया जाएगा। शिंदे मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल, उनके दोनों सलाहकार और राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
शिंदे ने कहा कि झारखंड पिछड़ा राज्य है। इसके विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी। यहां ऊर्जा क्षेत्र में विकास की काफी संभावनाएं हैं। झारखंड में देश को बिजली देने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि नॉर्थ कर्णपुरा पावर प्लांट के लिए भी हरी झंडी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि झारखंड मेरे लिए नया नहीं है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और कांग्रेस के महासचिव के रूप में कई जिलों में घूम चुका हूं।
सीआरपीएफ में स्थानीय युवकों की भर्ती होगी
राजभवन में बैठक से पूर्व शिंदे लातेहार जिले के सरयू क्षेत्र गए। वहां गारू में उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करना है। इसमें लोगों का काफी सहयोग मिल रहा है। सीआरपीएफ के जवान इस क्षेत्र में पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ में स्थानीय युवकों की भर्ती होगी। इसका आदेश दे दिया गया है। सरयू एक्शन प्लान का स्पेशल फंड जल्दी ही भेजा जाएगा। इसके बाद रांची में उन्होंने कहा कि लातेहार के 12 प्रखंडों में सारंडा एक्शन प्लान की तरह ही सरयू एक्शन प्लान के तहत विकास कार्य चलेगा। एक बार में एक ही जिले में ऐसा प्लान चलेगा।
बैठक में विकास रहा फोकस पॉइंट
राजभवन में हुई बैठक में विधि व्यवस्था, सुरक्षा और नक्सलवाद पर विस्तृत समीक्षा की गई। उग्रवाद प्रभावित जिलों में चल रहा विकास कार्य फोकस पॉइंट रहा। शिंदे ने कहा कि उग्रवाद प्रभावित जिलों में तैनात जवानों का हौसला अफजाई करने वे लातेहार के सीआरपीएफ कैंप गए थे। वहां उग्रवाद पर नियंत्रण हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य में हुए विकास कार्यो का प्रजेंटेशन भी देखा। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह व राज्य के कई अधिकारी मौजूद थे।