रांची. प्रवीण सिंह ने रविवार को झाविमो के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी से नाराज नेताओं की बैठक में उन्होंने यह फैसला किया। यहां नया गैर राजनीतिक संगठन नवा विहान बनाया गया और तय हुआ कि नाराज सैकड़ों पार्टी नेता 15 मार्च को बैठक के बाद पार्टी से इस्तीफा दे देंगे। ये नवा विहान के तहत नेता काम करेंगे।
प्रवीण सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी में अब नेतृत्व क्षमता नहीं रही। अन्यथा प्रदीप यादव झामुमो से दोस्ती न करते। पार्टी को भी विश्वास में नहीं लिया गया। दरअसल, मरांडी झामुमो के सहयोग से राज्यसभा जाना चाहते हैं।
ये आरोप लगाए
>कांग्रेस से गठबंधन क्यों तोड़ा?
>बाबूलाल क्यों अचानक
अमित शाह से मिलने चले गए?
>भाजपा से पोस्ट पोल अलायंस व विलय की बात क्यों की गई थी?
>पार्टी फंड प्रत्याशियों को क्यों नहीं बांटा, पैसा कहां गया?
>रामचंद्र केशरी को टिकट क्यों?
>रात में पार्टी सिंबल क्यों बांटा गया?
पद खाली, फिर कैसा संगठन
प्रवीण सिंह ने कहा कि कार्यसमिति के 25 पदाधिकारियों में 15, मंच-मोर्चा के 15 में 5, 13 सांसद-विधायकों में 9, 74 कार्यसमिति सदस्यों में 39, आमंत्रित सदस्य 19 में 6, विशेष आमंत्रित सदस्य 68 में 40 इस्तीफा दे चुके हैं। फिर संगठन कहां है।