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डाउनलोड करेंरांची. रिम्स की सुपर स्पेशिएलिटी बिल्डिंग के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में हृदय रोगियों का इलाज पुराने कैथलैब से होगा। इसकी तैयारी में रिम्स प्रबंधन जुट गया है। मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी सीमंस को जल्द से जल्द पुराने कैथलैब को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया है। नई और पुरानी बिल्डिंग के बीच की दूरी करीब दो सौ फीट है। पर कैथलेब शिफ्टिंग पर करीब 34 लाख रुपए का खर्च आएगा। कंपनी ने शिफ्टिंग का प्रस्ताव बनाकर रिम्स को दिया था। इसके बाद प्रबंधन ने कंपनी को शिफ्टिंग का आदेश दिया।
वहीं, कंपनी के प्रतिनिधि की मानें तो सबकुछ तय हो चुका है। इस सप्ताह के अंत तक कोलकाता से एक्सपट्र्स रिम्स आएंगे। इसके बाद ही शिफ्टिंग का काम शुरू होगा। ज्ञात हो कि 2007 में करीब तीन करोड़ की लागत से उक्त कैथलैब स्थापित किया गया था।
महीने में 25 एंजियोप्लास्टी, 70 एंजियोग्राफी
रिम्स के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में हार्ट के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ओपीडी में मरीजों की संख्या जहां सौ से पार हो रही है, वहीं दूसरी ओर महीने में करीब 70 एंजियोग्राफी और 25 एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की जा रही है। इनडोर में भी केस बढ़े हैं।
5.5 करोड़ में खरीदा जाएगा नया कैथलैब
सुपर स्पेशिएलिटी बिल्डिंग के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में दो कैथलैब स्थापित करना है। एक तो पुराने से ही काम चलेगा, दूसरे कैथलैब को खरीदने के लिए करीब 5.5 करोड़ रुपए का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। जिसे वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
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