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नहीं दिखा लोकसभा चुनाव सा उत्साह, उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ा मतदान

7 वर्ष पहले
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रांची. मात्र सात माह पहले हुए लोकसभा चुनाव के जैसा उत्साह रांची विधानसभा चुनाव में देखने को नहीं मिला। यदि तुलना करें, तो लोगों का वोटिंग के प्रति रुझान कम दिखा। सीधे तौर पर वोटिंग प्रतिशत में कमी आई। हालांकि, वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव की तुलना में थोड़ा वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है।
लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान 53.38 प्रतिशत मत पड़े थे। जबकि इस बार विधानसभा चुना में मात्र 48.54 प्रतिशत वोटिंग ही हुई। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव की तुलना इस बार के चुनाव से करें, तो स्थिति थोड़ी सुधरी है क्योंकि तब सिर्फ 32.91 फीसदी ही वोटिंग हुई थी। आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में 1,16,305 वोट पड़े थे। इस विधानसभा चुनाव में 50,595 मतदाता घट गए, इसके बावजूद पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 30673 वोट अधिक पड़े हैं। कुल मिलाकर 1,46,978 वोट पड़े। यानी पिछले विधानसभा चुनाव से 15.63 फीसदी ज्यादा।
कर्मी बोले- इतनी कम वोटिंग नहीं देखी
श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट का मतदान केंद्र संख्या 142 और 143। समय : सुबह के नौ बजे और शाम 4.45 बजे। मतदान केंद्र में प्रवेश करने के दो गेट। दोनों द्वार पर आईआरबी के जवान मुस्तैद। कोई शोर-गुल नहीं। मतदाता खामोशी से वोट डालते और बाहर निकल कर दो चार मिनट गप्पें करते। शाम चार बजे रांची के विधायक सीपी सिंह भी पहुंचते हैं। पोलिंग एजेंट से मतदान के बारे में जानकारी लेने के बाद बाहर खड़े युवकों से बातचीत करते हैं। थकान के बावजूद थोड़ी हंसी ठिठोली भी।
बूथ संख्या 143 के पोलिंग एजेंट सुभाष सिन्हा बताते हैं कि इस बार मतदाता बहुत उदासीन रहे। समझ में नहीं आ रहा है कि पोलिंग परसेंटेज इतना गिर कैसे गया। दैनिक भास्कर के संवाददाता भी सिन्हा से बातचीत करते हैं। पूछते हैं कि दिनभर का हाल कैसा रहा। सिन्हा कहते हैं क्या बताएं भाईजी- जनसंघ के जमाने से पोलिंग एजेंट का काम कर रहे हैं। महावीर चौक पर विधानसभा चुनाव में इतना कम पोलिंग कभी नहीं देखे। शाम के पौने पांच बज गए हैं, यहां 863 वोटरों में से सिर्फ 453 ने वोट किया है। इसी भवन में दूसरा बूथ संख्या 142 है। वहां भी 896 में से मात्र 474 वोटरों ने वोट डाला है। शाम पांच बजे तक 20-25 वोट और बढ़ेगा। इसका क्या कारण है, पूछने पर कहते हैं कि देखिए आजकल बोगस वोटिंग, लाठी-डंडे का जोर आदि पूरी तरह खत्म हो गया है।
बूथ बदलने से परेशान वोटर ढूंढ़ते रहे सूची में अपना नाम
महावीर चौक स्थित बूथ संख्या 140 और 141 को बदल दिए जाने से वोटर परेशान रहे। दोनों बूथ यूथ क्लब हॉल में रहते थे। इस बार इन्हें राजकीयकृत म्युनिसिपल कन्या मध्य विद्यालय, श्रद्धानंद रोड में शिफ्ट कर दिया गया। कई वोटर यूथ क्लब पहुंचे। वहां ताला लटका था। पूछने पर पता चला कि बूथ दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है, तब वोटर वहां पहुंचे।
इसके बाद सुबह में वोट डालने वालों की संख्या काफी कम रही। सुबह 10.45 बजे तक बूथ संख्या 140 के 967 वोटरों में से मात्र 150 और बूथ संख्या 141 के 819 वोटरों में से मात्र 151 ने मतदान किया था। वैसे अपर बाजार और कचहरी रोड स्थित मतदान केंद्रों पर वोटरों की उपस्थिति कम ही रही। सेल्स टैक्स ऑफिस में तीन मतदान केंद्र बनाए गए थे। बूथ संख्या 44, 45 और 46। यहां सुबह 11 बजे तक करीब 25 फीसदी मतदान हुआ।
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय स्थित मतदान केंद्र संख्या 138 और 139 पर सुबह 11. 45 बजे क्रमश: 86 और 114 वोट पड़े। बूथ संख्या 138 पर 494 और 139 पर 517 वोटर हैं। गांधी चौक स्थित शिवनारायण कन्या पाठशाला के मतदान केंद्र संख्या 41 और 42 पर भी मतदान की रफ्तार धीमी रही। बूथ संख्या 41 में 1021 और 42 पर 452 वोटर हैं। यही स्थिति श्री दुर्गा मंदिर ट्रस्ट स्थित मतदान केंद्र संख्या 142 और 143 की भी रही। सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण वोटिंग हुई।
आगे की स्लाइड में पढ़िए यहां महिला-पुरुष बराबर।