चाईबासा /रांची/सिमडेगा. चाईबासा जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड हार्डकोर माओवादी संजय गंझू उर्फ प्रताप को पुलिस ने सिमडेगा के देवसार जंगल में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोलियां लगी हैं। उसे हेलिकॉप्टर से रांची लाकर रिम्स में भर्ती कराया गया है। गंझू को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। बालूमाथ निवासी गंझू पर राज्य सरकार ने 10 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। वहीं विशेष शाखा ने इस पर 25 लाख रुपए का इनाम रखने का प्रस्ताव राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है।
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि संजय गंझू ही जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड है। जिला पुलिस उस पर नजर रख रही है। स्थिति में सुधार होने पर उसे चाईबासा लाया जाएगा और पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूछताछ में फरार 15 कैदियों के अलावा सारंडा और पोड़ाहाट के नक्सलियों के खिलाफ भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
संजय गंझू उर्फ संजय टेक्निकल
गंझू माओवादियों के सेंट्रल टेक्निकल कमेटी का को-ऑर्डिनेटर और बिहार-झारखंड-उत्तरी छत्तीसगढ़ स्टेट एरिया कमेटी का सदस्य है। गंझू को विस्फोटक तैयार करने में इतनी महारत हासिल है कि इसे संगठन में संजय टेक्निकल के नाम से जाना जाता है। वह माओवादियों के खराब हथियारों की मरम्मत भी करता है। इसमें कई लोगों को उसने ट्रेंड भी किया है। पुलिस को चमन और मोछू की भी तलाश है, जिसे गंझू ने टेक्निकल एक्सपर्ट बनाया है।
सारंडा और सिमडेगा में चलता है टेक्निकल सेल
माओवादियों का टेक्निकल सेल पहले झुमरा और सारंडा में चलता था। लेकिन झुमरा में काम बंद हो गया है। अब इसे सारंडा और सिमडेगा इलाके में चलाया जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय ने मांगी रिपोर्ट
संजय गंझू कई नक्सली घटनाओं का आरोपी है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की छानबीन की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित सभी जिलों के एसपी से रिपोर्ट मांगी है। कहा गया है कि वह जिन मामलों में अभियुक्त है, उसकी पूरी जानकारी दें।
यहां था ज्यादा सक्रिय
गंझू राज्य के सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और चतरा जिले में सबसे ज्यादा सक्रिय रहा है। यहां उसने नक्सली घटनाओं समेत विस्फोटक व शस्त्र अधिनियम, डकैती व हत्या की कई घटनाओं को अंजाम दिया है।
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