रांची. रांची के डिप्टी मेयर की कुर्सी के लिए एक करोड़ रुपए तक का दांव लग गया है। एक क्षेत्रीय पार्टी ने 25 पार्षदों के वोट हासिल करने के लिए यह दांव लगा दिया है। वहीं, दो राष्ट्रीय पार्टियों ने 25 वोट के खातिर लगभग 50-50 लाख रुपए का दांव लगाया है।
पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए सोमवार को देर रात तक रणनीति बनती रही। कोकर के एक होटल में 15 पार्षदों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, डिप्टी मेयर के एक उम्मीदवार ने कुछ पार्षदों के साथ ओरमांझी के एक ढाबे में देर रात तक बैठक की। अब कुर्सी किसे मिलेगी, फैसला 14 मई को होगा।
प्रतिष्ठा का है खेल
राजनीतिक पार्टी डिप्टी मेयर की कुर्सी को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रही है। हर पार्टी चाह रही है कि निगम में उनका प्रतिनिधि रहे। इस चलते जोड़-तोड़ किया जा रहा है। पार्षद भी मान कर चल रहे हैं कि डिप्टी मेयर का चुनाव सीधे होता, तो भी 50 लाख से अधिक खर्च करने पड़ते और परेशानी अलग से। इस पैसे से पार्षदों की इच्छा पूरी कर दी जाए और बदले में वोट ले लिया जाए।
इसीलिए पार्षद के हर वोट की कीमत भी बढ़ रही है। हालांकि, अधिकतर पार्षदों ने पूछने पर जवाब दिया कि शहर के विकास के लिए जो काम करेगा, उसे ही वोट देंगे। डिप्टी मेयर के दावेदार संजीव विजयवर्गीय, अशोक बड़ाईक, प्रदीप अग्रवाल और मो. असलम ने शहर के विकास के बदले जीत हासिल करने की बात कही है।