रांची. राजधानी में मोनो रेल चलाने पर सरकार के स्तर से बात आगे बढ़ी है। मुख्य सचिव सुधीर प्रसाद की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में मोनो रेल परियोजना पर विमर्श हुआ। सीएस ने परियोजना के लिए आईडीएफसी के साथ होनेवाले एमओयू के प्रारूप पर चर्चा के बाद आईडीएफसी को सीएमपी (कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान) बनाने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि एजेंसी के तौर पर आईडीएफसी का प्रस्ताव योजना एवं विकास विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मौके पर कंपनी द्वारा एक प्रजेंटेशन भी दिया गया। उसमें मोनो रेल परिचालन के बारे में विस्तार से दिखाया गया।
15 किलोमीटर का होगा मोनो रेल रूट
नगर विकास विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि पहले चरण में बिरसा चौक-हिनू-राजेंद्र चौक-कांटाटोली होते हुए बूटी मोड़ तक कुल 15 किलोमीटर तक मोनो रेल चलाई जाएगी। यह भी बताया गया कि रांची में जहां भी रोड चौड़ीकरण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है और यातायात का बोझ ज्यादा है, वहां पर मोनो रेल चलाने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में विकास आयुक्त आरएस पोद्दार, योजना विभाग के प्रधान सचिव डीके तिवारी, नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, परिवहन सचिव केके सोन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पूछा- परिवहन में कैसे मिलेगा लाभ
मुख्य सचिव ने कहा कि सीएमपी में इसका उल्लेख होना चाहिए कि मोनो रेल परिवहन के अन्य माध्यमों को किस तरह सहयोग करेगी। संभावित लागत एवं इसे पूरा होने में कितना समय लगेगा इसके बारे में भी बताया गया।
(मोनोरेल की प्रतीकात्मक फोटो)