रांची. रांची,
कोलकाता और मुंबई की प्रतिष्ठित कंपनियों के खाते से करोड़ों की निकासी करनेवाले गिरोह के सरगना संतोष कुमार चौरसिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। संतोष को कोलकाता पुलिस बुधवार को अपने साथ ले गई। इसके बाद रांची पुलिस भी संतोष को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। लोअर बाजार थाना प्रभारी रणधीर कुमार ने बुधवार को आरोपी को सेंटेविटा अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया है।
आरोपी संतोष मूलरूप से डाल्टनगंज के मझगांवा का रहनेवाला है। उसके गिरोह के अन्य लोगों का भी खुलासा हो गया है। गिरोह के सभी सदस्य डाल्टनगंज के पाटन और मझगांवा के ही रहनेवाले हैं। पुलिस सभी की तलाश कर रही है।
क्या है मामला
आरोपी संतोष बैंक में जमा करानेवाली रसीद का स्कैन कर चेकबुक अपने पते पर मंगा लेता था। इसके बाद जिस कंपनी का चेक होता था, उसका ऑथराइजेशन भी फर्जी तरीके से ले लेता था। इस तरह बड़ी कंपनियों का चेक भुनाने का काम करता था। इस गिरोह में डाल्टनगंज के ही राजेश सिंह, राकेश सिंह और विक्की काम करता है।
ऐसे पकड़ा गया सरगना
कोलकाता पुलिस सरगना संतोष को पकड़ने के लिए काफी दिनों से पीछे पड़ी थी। इस बीच पुलिस को संतोष का
मोबाइल नंबर मिला। पुलिस ने मोबाइल का सीडीआर निकाला। कई दिनों से संतोष का लोकेशन रांची मिल रहा था। हालांकि उसे पहचाना कैसे जाए यह समस्या बन रही थी। हालांकि इसका हल रांची पुलिस ने निकाला 2009 में उसके खिलाफ दर्ज मामले को निकाल कर।
कोलकाता पुलिस बुधवार को रांची पहुंची। बुधवार को लोकेशन रांची के सेंटेविटा अस्पताल के पास बता रहा था। हालांकि उसे पहचाना कैसे जाए यह समस्या बन रही थी। इसके बाद लोअर बाजार थाना के सहयोग से उसे पकड़ा गया।
कुल ढाई करोड़ की निकासी किया
इस गिरोह ने रांची, कोलकाता और मुंबई की विभिन्न कंपनियों के खाते से ढाई करोड़ की निकासी फर्जी तरीके से की है। कोलकाता पुलिस में 51 लाख की निकासी का मामला दर्ज है। जबकि मुंबई की कई कंपनियों के खाते से डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की निकासी का मामला दर्ज है। कोलकाता के लाल बाजार और पार्क स्ट्रीट थाना में भी संतोष के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
लालपुर और कोतवाली में केस
लोअर बाजार थाना प्रभारी ने बताया कि संतोष के खिलाफ इसी प्रकार की धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से रुपए निकासी का आरोप है। लालपुर थाना में 12 लाख रुपए और कोतवाली थाना में 28 लाख रुपए की निकासी फर्जी तरीके से करने का मामला दर्ज है।
पत्नी का इलाज कराते वक्त धरा गया
सरगना संतोष बुधवार को पत्नी की डिलीवरी के लिए सेंटेविटा अस्पताल में दाखिल कराया है। इसकी सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद उसे पकड़ा गया। वर्ष 2009 में कोतवाली पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वह जमानत पर बाहर था। गिरफ्तारी के बाद रांची और कोलकाता पुलिस ने कई जगहों पर छापामारी की। उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम डाल्टेनगंज के पाटन और मझगांवा में छापामारी कर रही है।