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जंगल में नक्सलियों से लड़े जवान, अस्पताल में जमीन पर इलाज

7 वर्ष पहले
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गिरिडीह/पीरटांड़/रांची. गिरिडीह में नक्सलियों ने सोमवार को सात बारूदी सुरंग विस्फोट किए, जिनमें एक सुरक्षा कर्मी शहीद हो गया और 17 अन्य घायल हैं। शहीद बादल मंडल सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन के थे। इस बीच देर शाम नक्सलियों ने शनिवार को अपहृत किए गए चार सरकारी कर्मियों को रिहा कर दिया।

नक्सली हमले में शहीद जवान के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को होगा। उसके बाद उसका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जगुआर और सीआरपीएफ के जवान शनिवार को पारसनाथ की पहाडिय़ों में स्थित नवकानिया गांव से अपहृत हुए चार सरकारी कर्मियों की तलाश कर रहे थे, तभी डोलकटा क्षेत्र में बारूदी सुरंग विस्फोट हुए। अभियान का जायजा लेने डीजीपी राजीव कुमार मधुबन पहुंचे। कहा कि खुखरा में मंगलवार से थाना काम करने लगेगा।

नक्सलियों के चंगुल से छूटे वाहन चालक राजेंद्र यादव ने बताया कि नक्सली गांव में बीडीओ और सीओ को ढूंढ रहे थे। यह बताने पर कि दोनों अधिकारी नहीं हैं, तब उन्होंने कर्मचारियों को अगवा कर लिया।

जंगल में नक्सलियों से लड़े जवान

सोमवार को डोलकाटा क्षेत्र में नक्सलियों से लड़ रहे हमारे जवानों को इलाज के दौरान बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। डोलकाटा में बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद घायल हुए जवानों को तोपचांची सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया जहां न उनके लेटने की ठीक व्यवस्था थी और न ही इलाज के समुचित साधन। ऐसा तब है जब यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव के कारण काफी संवेदनशील माना जाता है।

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