रांची. यौन शोषण मामले के आरोपी निम्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के चेयरमैन डॉ. बीएस तोमर को गिरफ्तार करने का आदेश बुधवार को जारी किया गया। यह आदेश न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन की अदालत ने दिया। तोमर के खिलाफ रांची की बेटी सोनम ने चुटिया थाने में सात फरवरी को मामला दर्ज कराया था।
आरोप है कि डॉ. तोमर ने यूरोप भेजने का प्रलोभन देते हुए सोनम के यौन शोषण का प्रयास किया। पुलिस ने दो दिन पूर्व ही वारंट निर्गत करने का अनुरोध कोर्ट से किया था। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी सौंपी, जिसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
पुलिस ने सोनम का बयान किया दर्ज
मंगलवार को चुटिया थाने के जांचकर्ता अधिकारी ने सोनम के घर जाकर उसका बयान रिकार्ड किया। डीएसपी सनत कुमार सोरेन ने भी घर जाकर सोनम से पूछताछ की। पुलिस ने उस होटल के लोगों का भी बयान लिया, जहां डॉ. तोमर से सोनम की पहली बार मुलाकात हुई थी। तोमर के कमरे का भी पुलिस ने निरीक्षण किया। पुख्ता सबूत इकट्ठा करने के बाद पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी सुपुर्द किया।
राजस्थान भेजी कॉपी
झारखंड पुलिस ने कोर्ट के आदेश की कॉपी राजस्थान के गृह सचिव और डीजीपी को भेज कर डॉ. तोमर की गिरफ्तारी में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने वहां के डीजीपी को फोन कर बताया है कि ऊंची पहुंच वाले डॉ. तोमर विदेश भाग सकते हैं, इसलिए उनपर नजर रखी जाए। एक दो दिनों के भीतर रांची पुलिस वारंट तामिल कराने जयपुर जाएगी।
क्या है मामला
20 वर्षीय सोनम निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर के पारा मेडिकल कॉलेज में बैचलर ऑफ रेडिएशन एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी की द्वितीय वर्ष की छात्रा है। उसका आरोप है कि डॉ. तोमर से रांची में उसकी मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उन्होंने करियर बनाने के लिए यूरोप भेजने की बात कहते हुए उसके साथ बदसलूकी की। कई सबूत भी सोनम ने पुलिस को दिया है।