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डाउनलोड करेंरांची. धनबाद के सांसद पीएन सिंह धनबाद में पार्टी का गढ़ बचाने के लिए दोबारा चुनावी मैदान में उतरेंगे। धनबाद संसदीय क्षेत्र अब पारंपरिक रूप से भाजपा की सीट के रूप में तब्दील हो गया है। वर्ष 1991 से रीता वर्मा लगातार 2004 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती रहीं। फिर चंद्रशेखर दुबे यहां वर्ष 2004 में चुनाव लड़े और इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा हुआ।
वर्ष 2009 में पुन: यह सीट पीएन सिंह के सांसद बनने के बाद भाजपा के कोटे में आ गई। पीएन सिंह इस समय पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद तक पहुंचे थे। अभी भी यह कयास लगाया जा रहा है कि पीएन विधानसभा में आकर प्रदेश की राजनीति कर सकते हैं। सांसद निधि के खर्च के मामले में भी उनका परफॉरमेंस ठीक-ठाक रहा है। पिछले पांच वर्षों में सांसद निधि से मिली 19 करोड़ की राशि में उन्होंने अठारह करोड़ रुपये की राशि की योजनाओं की अनुशंसा कर दी है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि अठारह करोड़ रुपये खर्च भी हो गए हैं। इस राशि से 1151 योजनाओं की अनुशंसा की गई जिसमें नौ सौ से अधिक पूरी हो चुकी हैं।
सांसद निधि से पूरी कराई बंद जलापूर्ति योजना
सांसद निधि से सड़कों, पुल पुलियों, एंबुलेंस वितरण जैसे कार्यों के अलावा सांसद पीएन सिंह ने एमपी लैड की राशि जलापूर्ति योजना के लिए स्वीकृत की। क्षेत्र के लोगों का जल संकट दूर करने के लिए उन्होंने सांसद मद की राशि से चास जलापूर्ति योजना जो राशि के अभाव में बंद हो चुकी थी, दोबारा चालू कराई और लोगों को जल संकट से निदान दिलाया। वैसे प्रदूषण मुक्त करने और शहर को जाम से मुक्त कराने के काम में पीएन सिंह पूरी तरह विफल रहे। रिंग रोड के निर्माण का वादा भी वादा ही रह गया।
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