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जनसुनवाई में नहीं आई जनता

8 वर्ष पहले
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रांची. राजधानी के मास्टर प्लान को लेकर लोगों में कितना उत्साह है, इसका नजारा बुधवार को निगम कार्यालय में दिखा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभाकक्ष में जनसुनवाई के लिए निगम अधिकारी 10 बजे से करीब एक बजे तक आपत्तिकर्ताओं के इंतजार में बैठे रहें, पर इक्के-दुक्के लोग ही आएं।

करीब 1.15 बजे एक जत्था आया, तो वह मास्टर प्लान पर सुझाव देने के बदले विरोध करते हुए हंगामा कर निकल गया। सालों इंतजार के बाद उम्मीद बनी कि रांची की मास्टर प्लान होगा, पर जन सुनवाई में आम लोगों की इस बेरुखी ने प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

जनसुनवाई की आंखोदेखी

सुबह 11.20 बजे निगम के सभी पदाधिकारी सभाकक्ष में आकर बैठ गए, लेकिन एक भी व्यक्ति नहीं पहुंचा था। दोपहर लगभग 12.30 बजे कर्रा प्रखंड के संजय होरो और नैमन होरो जनसुनवाई में पहुंचे। संजय ने कहा कि आरआरडीए क्षेत्र में शामिल 354 नए गांवों में अधिकतर को मास्टर प्लान में शामिल नहीं किया गया। नैमन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में नक्शा पास नहीं होने से मकान बनाने के लिए लोन नहीं मिलता है। फीडबैक के पदाधिकारियों ने कहा कि आरआरडीए क्षेत्र में शामिल गांवों की प्लानिंग के लिए विलेज डेवलपमेंट प्लान बनवाना होगा। 12.40 बजे नामकुम के बिजय लकड़ा पहुंचे।

कहा कि राजधानी को चार भागों में बांट मास्टर प्लान को लागू किया जाना चाहिए। डिप्टी सीईओ ने कहा कि निगम एरिया और रिंग रोड के आसपास मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। दोपहर 1.15 बजे अचानक निगम का माहौल बदल गया। लगभग 50 लोग जनसुनवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निगम सभाकक्ष पहुंचे। सभाकक्ष में आकर उन्होंने मास्टर प्लान को रद्द करने की मांग रखी।

सीईओ से मिलेंगे पार्षदों का डेलीगेशन

वार्ड 28 के पार्षद अशोक कुमार बड़ाइक ने कहा है कि राजधानी के मास्टर प्लान को लेकर पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल 23 जनवरी को नगर निगम सीईओ मनोज कुमार से मिलेगा। मुलाकात में मास्टर प्लान को लेकर हो रही राजनीति और आम लोगों पर पडऩे वाले प्रभाव सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।