रांची. चांदीडीह के पास मंगलवार रात दस बजे अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से टकराने से पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सिल्ली के कार्तिक बेदिया (60), पहुला देवी (55), कृष्णा बेदिया (32),पंकज बेदिया (22) एक ही परिवार के थे, जबकि सत्यनारायण महतो ड्राइवर था। दुर्घटना में शंकर बेदिया घायल हुआ हैं, जिनका इलाज रिम्स में चल रहा है। वाहन में 12 साल की रानी भी थी, जो सुरक्षित है।
खास यह है कि दुर्घटना स्थल से किसी ने भी घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी। उल्टा मृत व घायल पड़े लोगों के पर्स,
मोबाइल आदि लूट लिए। हालांकि, बाद में कुछ आजसू कार्यकर्ताओं ने घायलों को रिम्स पहुंचाया। पुलिस को बुधवार सुबह घटना का पता चला।
वाहन में फंसे हुए थे दो शव
बांसारूली गांव से बेदिया परिवार कार्तिक के इलाज के लिए रांची आ रहा था। लेकिन, चांदीडीह के पास ड्राइवर को गार्डवाल के कारण सड़क नहीं दिखी और वहां बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर ही पड़े थे। इनसे बचने के चक्कर में बोलेरो जामुन के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि चार की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। जबकि, एक की मृत्यु रिम्स में इलाज के दौरान हुई। दुर्घटना में दो शव वाहन में ही फंसे रह गए, जिन्हें जेसीबी की सहायता से निकाला गया।
डेंजर जोन बना रांची-मुरी मार्ग
रांची-मुरी मार्ग पर चांदीडीह से चंद्राटोली तक पांच किलोमीटर का एरिया लगातार डेंजर जोन साबित हो रहा है। इस जगह पर विगत एक साल में एक दर्जन से अधिक की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। तीखा मोड़ और सड़क पर निर्माण सामग्री बिखरी रहने से ऐसा होता है।