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मंत्री अनंत कुमार ने कहा, अब खंडित जनादेश से उबरना चाहती है जनता

7 वर्ष पहले
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रांची. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि पूरे देश में मोदी लहर चल रही है। यह सुशासन और विकास की लहर है। लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र, हरियाणा होते हुए यह झारखंड और जम्मू कश्मीर पहुंच चुकी है। इससे जनता में भारी उत्साह है। खंडित जनादेश से जनता उबरना चाहती है।
इसका असर झारखंड में भी दिख रहा है और यहां ं भी भाजपा को 50 प्लस सीटें आएंगी। क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने छह महीने में जनहित में जितने निर्णय लिए हैं, उससे जनता का विश्वास बढ़ा है। वे जमुआ, गिरिडीह और सिंदरी में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के बाद अनंत कुमार सोमवार की शाम भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पहले क्रूड ऑयल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमत घटती थी तो उसका लाभ जनता को नहीं मिलता था।
अब सरकार जनता को उसका लाभ दे रही है। यही कारण है कि डीजल, पेट्रोल और गैस की कीमतों में भारी कमी हुई है। मोदी सरकार ने आर्थिक सुरक्षा देने के क्रम में ही जन-धन योजना प्रारंभ की है। झारखंड में भाजपा द्वारा गठबंधन की सरकार बनाने और उसके द्वारा कुछ विशेष नहीं कर पाने के सवाल पर कुमार ने कहा कि पहले देश व राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हुआ करती थीं। बीच के कालखंड में कांग्रेस को रोकने के लिए गठबंधन की सरकारें बनने लगीं। भाजपा ने भी गैर कांग्रेसी गठबंधन के माध्यम से सरकारें बनाईं। अब समय बदल चुका है। जनता सुशासन और विकास करने वाली सरकार चाहती है। मुख्यमंत्री कौन, के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य अभी पूर्ण बहुमत की सरकार है।
हेमंत सरकार मालगाड़ी
कुमार ने कहा कि हेमंत सरकार मालगाड़ी सरकार है। यह झारखंड से मुंबई, दिल्ली और अन्य क्षेत्रों के लिए केवल खनिज ढोने का काम कर रही है। यहां के खनिज पर आधारित कोई वैल्यू एडेड फैक्ट्री नहीं लगी। जेवीएम तो शटल ट्रेन है। यह कभी दुमका तो कभी कोडरमा और कभी धनवार-गिरिडीह में भटक रहा है। रफ्तार से विकास का काम मोदी की बुलेट ट्रेन ही कर सकती है।
नए कारखाने शुरू होंगे
कुमार ने कहा कि 10 हजार करोड़ की लागत से फूलपुर से हल्दिया तक गैस पाइप लाइन बिछाने का फैसला हो चुका है। इसके बाद गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी तथा हल्दिया खाद कारखाना के पुनरुद्धार का काम प्रारंभ हो जाएगा। अगले 10 साल में तलचेर और राममुंडम सहित पांच-छह नए खाद कारखाने शुरू होंगे।