रांची. पुलिस ने सोमवार को कुख्यात उग्रवादी कुंदन पाहन के दो सहयोगियों को मार गिराया। एक की लाश बरामद कर ली, वहीं दूसरे उग्रवादी की लाश उनके साथी ले भागे। सरायकेला और खूंटी सीमांत के शिलाघाटी (छतनीबेड़ा) के पास देशवा पहाड़ के पास नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। दिन के सवा दस बजे से तीन बजे तक दोनों ओर से सैकड़ों गोलियां चलीं।
पुलिस ने घटनास्थल से एक एसएलआर, तीन मैगजिन और 140 कारतूस बरामद किया है। वहीं मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के दो जवान भी जख्मी हो गए। इन्हें इलाज के लिए जमशेदपुर भेजा गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। खबर है कि दस्ते में कुंदन भी था। लेकिन सभी उग्रवादी जंगल का लाभ उठाते हुए भाग निकले।
पकड़े गए उग्रवादियों में महिला भी थी शामिल
सरायकेला के एसपी उपेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को कुंदन पाहन दस्ता के कुचाई और अड़की सीमा के शिलाघाटी (छतनीबेड़ा) के पास रहने की सूचना मिली थी। इसके बाद रांची, खूंटी और सरायकेला जिलों की पुलिस सीआरपीएफ के जवानों के साथ वहां पहुंची।
इन्हें देखते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एसपी ने बताया कि नक्सलियों के इस दस्ते में कुंदन पाहन भी था। वहीं महिला उग्रवादी भी शामिल थी। इसमें से एक महिला उग्रवादी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही थी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी।
सर्च अभियान जारी
मुठभेड़ में दो उग्रवादियों के मारे जाने की खबर है। एक की लाश बरामद कर ली गई है। वहीं घटनास्थल से पुलिस ने एक एसएलआर, तीन मैगजिन और 140 गोलियां बरामद की है। मुठभेड़ के बाद पुलिस का इलाके में सर्च अभियान जारी है।
एमएस भाटिया, आईजी, रांची प्रक्षेत्र
चरवाहा से बना उग्रवादी प्रेमिका समेत धराया
चरवाहा से नक्सली कमांडर बना जोगेंद्र गंझू अपनी प्रेमिका संजीदा खातून के साथ सोमवार को रांची में पकड़ लिया गया। भाकपा माओवादी का यह लातेहार जोनल कमांडर पवन गंझू उर्फ असीमानंद के नाम से भी सक्रिय रहा है। वहीं उसकी कथित प्रेमिका खुशबू खातून उर्फ शैरा कुमारी के नाम से भी जानी जाती है।
कांके थाना प्रभारी संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने दोनों को मोरहाबादी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। दोनों के पास से पुलिस ने 7.65 एमएम का सिक्सर, 7.65 एमएम की तीन गोली और पांच पैकेट कंडोम भी जब्त किया। जोगेंद्र कोटनासीमर, बालूमाथ और संजीदा तिसीया, लोहरदगा की रहने वाली है।
प्रेमिका कर रही थी कंप्यूटर कोर्स
एसएसपी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि संजीदा छह माह पूर्व भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ी थी। उसे कंप्यूटर ट्रेनिंग के लिए रांची भेजा गया था। उसके माता-पिता उसकी शादी करना चाह रहे थे, लेकिन वह तैयार नहीं थी। अगर पकड़ी नहीं जाती तो वह दिल्ली जाने की तैयारी में थी।
मालिक से तंग आकर बना नक्सली
जोगेंद्र ने बताया है कि वह गांव में भैंस चराता था। मालिक उसे और उसके परिवार को परेशान करता था। तंग आकर वह 2005 में एरिया कमांडर दिलीप यादव के साथ हो गया। 2006 में जेल गया। पर 2007 में फिर से संगठन में सक्रिय काम करने लगा।