रांची. अब तक अपने-अपने घरों में राज करने वाली कई नेताओं और साहबों की पत्नियां नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। खबर हैं कि इन लोगों ने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स की पत्नियों में से कुछ ने खुद अपने लिए राजनीति को चुना है तो कुछ ने बदले हुए राजनीतिक हालात के कारण।
विरासत संभालने की तैयारी
पतियों की विरासत बचाने के लिए राज्य के आधा दर्जन नेताओं की पत्नियां चुनाव में ताल ठोंकने को तत्पर दिख रही हैं। इनमें पहला नाम कांग्रेस नेता योगेंद्र साव की पत्नी निर्मला देवी का है। नक्सलियों से साठगांठ के आरोपी पूर्व कृषि मंत्री की पत्नी की सक्रियता बढ़ गई है। वहीं पति की हत्या के बाद तिलेश्वर साहू की पत्नी साबी देवी को भी आजसू से चुनाव मैदान में उतारे जाने की खबर है। जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो की पत्नी नेहा महतो के बारे में भी कहा जा रहा है कि इस बार वह ईचागढ़ से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी।
मैडम भी उतरेंगी चुनाव में
राज्य के कुछ बड़े अधिकारियों की मैडम भी चुनाव मैदान में उतरने को पूरी तरह तैयार हैं। कुछ ने राजनीतिक दलों की सदस्यता भी ले ली है। दिल्ली में तैनात झारखंड कैडर के आईएएस अफसर शैलेश कुमार सिंह की पत्नी परिणिता सिंह ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है। वो देवघर के मधुपुर से चुनाव लड़ना चाहती हैं। लेकिन उनकी दावेदारी को चुनौती झारखंड के चर्चित आईएएस अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमारी से मिलने की संभावना है। प्रीति भी भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।