रांची. बिजली बोर्ड व पेयजल विभाग ने रातू क्षेत्र प्रक्षेत्र में सोमवार से जलापूर्ति के समय बिजली कट करने का निर्णय लिया है। यह फैसला जलसंकट की रोजाना मिल रही शिकायतों और डीसी के आदेश के बाद लिया गया है।
यह तय किया गया कि पेयजल विभाग पिस्का मोड़, रातू रोड बाएं, रातू रोड दाएं व पहाड़ी मंदिर क्षेत्र में आपूर्ति से आधे घंटे पूर्व बिजली बोर्ड अभियंता को सूचना देगा, जिसके बाद बिजली कट की जाएगी।
पेयजल अभियंताओं के अनुसार पिस्का मोड़ व रातू रोड क्षेत्र से आए दिन लो प्रेशर व आपूर्ति के बाद भी पानी नहीं मिलने की शिकायतें आ रही हैं। अभियंताओं के अनुसार 10 से 15 प्रतिशत लोगों ने मोटर लगा रखा है। आपूर्ति के समय मोटर चलाकर ये लोग जरूरत से ज्यादा पानी खींच रहे हैं।
इससे आसपास के घरों में, जहां मोटर नहीं है, वहां प्रेशर से पानी नहीं मिल रहा है। इसलिए अब जलापूर्ति के समय दोनों विभाग आपसी तालमेल से काम करेंगे। यह जानकारी बिजली बोर्ड के न्यू कैपिटल डिविजन के ईई अनिल कुमार सिंह, रांची वेस्ट के ईई ऋषिनंदन, पेयजल विभाग के एसडीईओ राजेश कुमार ने दी।
झाविमो का धरना 15 को
झारखंड विकास मोर्चा रांची महानगर शहर में बिजली-पानी की समस्या को लेकर 15 मई को राजभवन के समक्ष धरना देगा। इसके अलावा विधानसभा भंग करने की मांग को लेकर 23 मई को राज्यव्यापी धरना भी दिया जाएगा। इसके लिए रविवार को संगठन की बैठक राजीव रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। इसमें राजीव रंजन प्रसाद, सुनील गुप्ता, भानु प्रताप शाहदेव, सूरज शाहदेव, जितेंद्र वर्मा, श्रवण कुमार, दिलबीर सिंह, रियाज, उत्तम यादव, दीपू गाड़ी, मो. फैज, सत्येंद्र वर्मा आदि मौजूद थे।
पेयजल व स्वच्छता विभाग की लापरवाही से डोरंडा क्षेत्र के हजारों लोग भीषण गर्मी में पानी की किल्लत झेल रहे हैं। डोरंडा छप्पन सेट इलाके में तीन वर्ष पहले बना संप अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। इसमें बूटी व हटिया से पानी भेजने की पूरी व्यवस्था है। अगर यह शुरू हो जाए, तो बड़ी आबादी को जलसंकट से निजात मिल जाएगी। वर्ष 2009-10 में 15 हजार गैलन की क्षमता वाले संप व पंप हाउस का निर्माण कराया गया।
इससे डोरंडा प्रक्षेत्र के छप्पन सेट, 124 सेट, प्रेस कॉलोनी, हटिया कॉलोनी, कुम्हार टोली, नेपाल हाउस, भारती कंपाउंड, लक्ष्मी पाड़ा, मिल्लत कॉलोनी आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति होनी थी। विभाग के इंजीनियरों के अनुसार बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से संप की शुरुआत ही नहीं हो सकी। वहीं पंप हाउस निर्माण, मोटर लगाने जैसे कामों में भी देरी से काम शुरू नहीं हुआ।
यह पूरी तरह से विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। इसका खमियाजा हमें उठाना पड़ रहा है।
आलोक दुबे, स्थानीय
जब तीन साल पहले संप बना लिया गया, तो फिर बिजली के कारण शुरू न कर पाने की बात समझ से परे है।
नीरज कुमार, स्थानीय
कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा संप
संप क्यों शुरू नहीं हो सका, इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। हां, बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। साफ-सफाई भी शुरू कर दी है। 15 दिनों के अंदर संप शुरू हो जाएगा।
संजय कुमार, ईई, ईस्ट डिविजन