रांची. रांची जिले में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग कार्रवाई करेगा। विभाग ने ऐसे स्कूलों पर सख्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार से मान्यता के लिए विभाग में आवेदन देने वाले स्कूलों की स्थल जांच शुरू हुई। जांच की प्रक्रिया 16 मई तक चलेगी।
विभाग को मान्यता के लिए कुल 221 स्कूलों के आवेदन मिले हैं। स्थलीय जांच में विभागीय अधिकारियों को लगाया गया है। जो स्कूलों में अनिवार्य एवं नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के मानकों के तहत जांच करेंगे। मानक पूरा करने वाले स्कूलों को बंद किया जाएगा।
इन मानकों को करना है पूरा
आरटीई के प्रावधान के अनुसार अब अधिनियम की सभी शर्तो को पूरा करने वाले निजी स्कूलों को ही मान्यता मिलेगी। इसके तहत स्कूल जिस जमीन पर बना है वह जमीन स्कूल की अपनी होनी चाहिए। स्कूल में छात्र संख्या के आधार पर क्लासरूम होने चाहिए। प्ले ग्राउंड की सुविधा होनी चाहिए। बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त टीचिंग लर्निग मेटेरियल होने चाहिए। बच्चों के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था होनी चाहिए। विकलांग बच्चों के लिए रैंप होना अनिवार्य किया गया है।
प्रशिक्षित शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे स्कूल में
आरटीई एक्ट के अनुसार अब निजी स्कूलों में सिर्फ प्रशिक्षित शिक्षक ही पढ़ा सकेंगे। विभाग की ओर जारी निर्देश में भी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों का पूरा ब्योरा देने को कहा गया है। उल्लेखनीय हो कि जिले के अधिकतर निजी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या काफी कम है। अगर विभाग आरटीई एक्ट का पूरा अनुपालन करता है तो मान्यता के लिए आवेदन देने वाले 221 स्कूलों में से आधे ज्यादा स्कूल इस मामले में फंसेंगे।
दूसरे बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों ने मांगा 15 मई तक समय
सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से समय मांगा है। मान्यता के लिए आवेदन जमा करने के लिए इन सभी स्कूलों को 15 मई तक का समय दिया गया है।
आवेदन नहीं देने वालों को नहीं मिलेगा समय
जिन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों ने विभाग को आवेदन नहीं दिया है, उन्हें अब कोई मौका नहीं मिलेगा। जो स्कूल आरटीई के मानक पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें बंद करना होगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुछ स्कूलों को आवेदन जमा करने के लिए 15 मई तक समय दिया गया है।’
जयंत कुमार मिश्र, जिला शिक्षा अधीक्षक रांची