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तारा शाहदेव प्रकरण: राजनाथ बोले- तारा मामले में कार्रवाई जल्द

7 वर्ष पहले
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रांची. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ शाहदेव ने तारा मामले में जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मंगलवार की शाम बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृहमंत्री से मिलने पहुंची तारा शाहदेव से राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में वह दिल्ली जाकर पूरी जानकारी लेंगे। फिर तत्काल उचित निर्णय लिया जाएगा। तारा ने बताया कि उन्होंने गृहमंत्री से रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल प्रकरण की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है।
इधर, केंद्रीय गृहमंत्री ने राजभवन के दरबार हॉल में पत्रकारों द्वारा तारा शाहदेव मामले की जांच की अद्यतन जानकारी को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि सीबीआई ऑटोनॉमस बॉडी है। वहां हर दिन कई मामले आते हैं। उस पर सीबीआई खुद निर्णय लेती है।
सीबीआई जांच पर केंद्र गंभीर नहीं : राजेश
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा पर तारा शाहदेव प्रकरण को दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार ने एक महीना पहले इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की थी। लेकिन केंद्र में मौजूद भाजपा सरकार ने अब तक इस पर अपनी सहमति नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मामले पर सिर्फ सांप्रदायिक उन्माद फैलाना चाहती थी। उसने इसे लव जेहाद का नाम देकर सनसनी फैलाने का काम किया।
भाजपा की रुचि इस मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश ठाकुर ने झारखंड दौरे पर आए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से सीबीआई जांच को लेकर केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि तारा शाहदेव मामले को लेकर पूरा झारखंड व्यथित है और इस मामले की सीबीआई जांच चाहता है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को सीबीआई जांच जल्द शुरू कराने के लिए केंद्रीय मंत्री पर दबाव बनाना चाहिए। राजेश ठाकुर ने कहा है कि इस मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी से साबित हो गया है कि वो संवेदनशील मुद्दों पर केवल राजनीति करती है। समस्या का हल निकालने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
तारा प्रकरण में याचिका दायर
रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन के साथ जिन जजों के नाम जुड़े हैं उन्हें आरोपमुक्त होने तक न्यायिक कार्यवाही से अलग रखने की मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। अखंड भारत की ओर से दायर इस याचिका में प्रार्थी ने बताया है कि आरोपी जजों का अपने पद पर बने रहना उचित नहीं है। बाद में अगर ये दोषी होते हैं तो इनके द्वारा इस दौरान सुनाए गए सभी फैसलों पर सवालिया निशान लग जाएगा। प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि प्रार्थी ने इसी मामले की जांच के लिए जनहित याचिका दायर की है। अब उसी में नई जानकारी देते हुए कोर्ट से मांग की गई है कि कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को यह आदेश दें कि वीणा मिश्रा, नागेश्वर प्रसाद, पीके श्रीवास्तव समेत उन सभी जजों को जिनके नाम इस प्रकरण से जुड़े होने की बात सामने आई है, उन्हें आरोपमुक्त होने तक न्यायिक कार्यवाही से अलग रखा जाए।
रंजीत ने किया फ्लैट खोलने का आग्रह
तारा शाहदेव मामले में जेल में बंद रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल और उसकी मां कौशल्या रानी कोहली उर्फ कौसर परवीन की मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीजेएम की कोर्ट में पेशी हुई।

इस दौरान सीजेएम के प्रभार में एसीजेएम रमेश कुमार ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग हॉल में सुनवाई की। दोनों आरोपियों ने जेल से ही बातचीत की। रंजीत की अगली पेशी अब सात अक्टूबर को होगी। पेशी के दौरान रंजीत सिंह कोहली ने अदालत से अनुरोध किया कि उसके फ्लैट को खोलने का आदेश दिया जाए। जिसे हिंदपीढ़ी थाना पुलिस ने लॉक कर दिया है। कोर्ट के "क्यों' के सवाल पर उसने कहा कि उसके पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं हैं। कोर्ट कहा, "आप एक कैदी हैं, आपको जरूरत के आवश्यक सामान व कपड़ा जेलर ही उपलब्ध करा सकते हैं। आप जेलर से ही संपर्क करें।' चौंकते हुए रकीबुल ने कहा, "कपड़े भी जेलर से मांगने होंगे।' कोर्ट ने दोहराया, "हां जेलर से ही मिलना होगा।'
कौशल्या की जमानत पर सुनवाई कल
जेल में बंद मामले की दूसरी आरोपी कौशल्या रानी ने जज को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे जेल में क्यों रखे हो बेटा? मेरा क्या कसूर है?" इधर, मंगलवार को ही प्रधान न्यायायुक्त एसएच काजमी की अदालत ने कौशल्या की जमानत याचिका को न्यायायुक्त एके राय की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। इस याचिका पर सुनवाई 25 सितंबर को होगी। यह सुनवाई दोपहर दो बजे से होगी।