पेड़ पर उगने वाली लौकी, मस्सकली कबूतर..., ये लगा अजूबों का मेला!

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची/दुलमी। झारखंड के रामगढ जिला स्थित दुलमी प्रखंड अंतर्गत कुल्ही पंचायत के ब्यांग में श्रीरामकृष्ण किसान मेला का आयोजन किया गया। मेले में मुख्य आकर्षक का केंद्र लौकी का पेड़ बना रहा। जिसने भी यहां सुना किसी को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ। सभी ने मेले में लगे स्टॉल में जाकर इस आश्चर्य को देखा, तब जाकर लौकी के पेड़ होने की बात पर विश्वास की।
प्रदर्शन में लौकी सहित पेड़ की टहनी गोला सरलाकला के बौड़ी महतो लेकर आए थे। दरअसल, हर वर्ष यहां स्वामी विवेकानंदजी के जन्मोत्सव के मौके पर किसान मेला का आयोजन किया जाता हैं। इसमें कृषि, पशु, पक्षी, कुटीर उद्योग से संबंधित प्रदर्शनी आयोजित की गई थी, जिसे विभिन्न स्टॉलों में संभालकर रखा गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीरामकृष्ण मिशन के शंशकानंदजी महाराज व स्थानीय विधायक चंद्रप्रकाश चौधरी मौजूद थे। इनके द्वारा मेले का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। जबकि विशिष्ट अतिथि दुलमी प्रखंड पार्षद राजेंद्र महतो व बीडीओ दिलीप कुमार महतो ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
मंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों को वैज्ञानिक ढंग से कृषि करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शशकानंदजी महाराज ने कहा कि रासायनिक तरीके से खेती करने के बजाय प्राकृतिक तौर पर उपज किया जाना चाहिए। मेले के दौरान स्कूली बच्चों के द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। रामकृष्ण मिशन से संबंधित दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र मोरहाबादी रांची, विवेकानंद सेवा संघ सहित क्षेत्र के कई स्वयं सेवी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। स्वामी ब्रह्मदेवानंदजी महाराज, स्वामी इस्टकामानंदजी महाराज, स्वामी तन्महिमानंदजी महाराज सहित मेले के अध्यक्ष राजकुमार महतो, सचिव चंद्रदेव महतो, कोषाध्यक्ष संतोष महतो सहित बसंत महतो, प्रदीप महतो, तपेंद्र कुमार, जगरनाथ महतो, कन्हैया महतो, जलेश्वर महतो, नवल किशोर, बालेश्वर महतो, सुभाषचंद्र सिन्हा, सदरु महतो, अरुण महतो, जितन महतो, अन्नू कुमार, करमू महतो आदि मौजूद थे
मस्सकली कबूतर भी रही आकर्षक का केंद्र
दुलमी के नंदकिशोर महतो के मस्सकली कबूतर भी किसान मेला में आकर्षक का केंद्र बनी रही। जबकि छह फीट का लौकी और कोहड़ा भी मेले में लोगों को आकर्षित करती रही। वही ब्यांग की जोहदा परवीन की टैडीबियर को लोगों ने खूब सराहा। टोनागातु से आए लखेश्वर महतो का पपीता व पोटमदगा से आए मसी भेंगरा का अमरूद भी लोगों को खूब भाया। प्रदर्शनी में सभी प्रकार के सब्जी सहित पशु पक्षी का भी प्रदर्शनी किया गया।