रांची. बिहार क्लब में माता का दरबार काल्पनिक रंगमहल में सजेगा। यहां स्थापित मंदिर में दुर्गा पूजा होती है। अंदर की सजावट, गेट और लाइटिंग के साथ मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा यहां का मुख्य आकर्षण होगी। हर साल की तरह इस बार भी कोलकाता के कलाकार यहां की साजसज्जा में लगे हैं। संजय शर्मा के नेतृत्व में कोलकाता नेशनल फिल्म थिएटर के लगभग 50 कर्मी अंदर के काम में जुट गए हैं।
67 फीट का गेट : विशेष विद्युत-सज्जा के लिए चंदननगर का घोष इलेक्ट्रिकल्स द्वारा काम शुरू कर दिया गया है। मेन गेट की उच्चता 67 फीट है। यहां इलेक्ट्रिकल रेल इंजन आवाज के साथ दौड़ती नजर आएगी। इसके अलावा चार अन्य गेट बनाए जा रहे हैं। उनमें पुरी के जगन्नाथ मंदिर का पूजन दिखाया जाएगा। बच्चों के लिए रोड साइड में कई अलग विद्युत सज्जा रहेगी।
इनका है सहयोग
पंडाल के अंदर एक विशेष डायनासोर रहेगा। वह गर्जन के साथ मुंह से आग फेंकते हुए नजर आएगा। दूसरी लाइटिंग में कंकालों का भूत नृत्य देखा जा सकेगा। विशालकाय शेर गर्जन करते हुए ऊंची छलांग लगाकर दौड़ता हुआ नजर आएगा। मूर्ति का निर्माण कोलकाता के गोपाल पाल कर रहे हैं।
पूजा में खर्च करीब आठ लाख रुपए
दुर्गा पूजा में करीब आठ लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। षष्ठी तिथि को 30 सितंबर के दिन शाम को बेल वरण के बाद पंडाल को दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा। यहां दशमी के दिन कुंवारी कन्या की पूजा होगी। उसके बाद कलश विसर्जन होगा। पांच अक्टूबर को प्रतिमा का विसर्जन होगा।
इनका है सहयोग
मुख्य संरक्षक सुबोध कांत सहाय, संरक्षक डॉ जय प्रकाश गुप्ता, अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार सहाय, उपाध्यक्ष रामधन वर्मन व राजन वर्मा, मंत्री दिवाकर देव, संगठन मंत्री सुभाष पाठक एवं संजय कुमार तिवारी, कोषाध्यक्ष संजय सिन्हा गोपाल, सह मंत्री रोहित कुमार सिंह बिट्टू, पूजन प्रभारी सत्य नारायण पाठक।