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अवैध स्टैंड से करोड़ों की वसूली, आखिर कौन दे रहा है इनको शह

6 वर्ष पहले
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रांची. राजधानी में पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे हर दिन खुलेआम लाखों रुपए की वसूली हो रही है। वसूली करने वाले नगर निगम के नाम पर वसूली कर रहे हैं, लेकिन इसकी जानकारी नगर निगम को भी नहीं है। दरअसल, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक एसपी ने दस स्थानों पर निगम द्वारा तय किए गए वाहन पड़ाव को रद्द करने की अनुशंसा की है।
इसके बाद नगर विकास सचिव ने निगम को उक्त पड़ाव की बंदोबस्ती रद्द करने का निर्देश दे दिया। जैसे ही पत्र निगम को मिला, निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया कि तीन ऑटो पड़ाव का ठेका निगम द्वारा नहीं दिया गया है। यानी निगम ने उक्त ऑटो स्टैंड को किसी के नाम बंदोबस्त ही नहीं किया है। जबकि सच्चाई यह है कि शहर की सड़कों पर खुलेआम प्रति ऑटो दस रुपए की वसूली हो रही है। जिन स्थानों पर निगम ने बंदोबस्ती नहीं किए जाने की बात कही है, वहां पर कैसे ऑटो से वसूली हो रही है, इसकी पड़ताल करती भास्कर की रिपोर्ट...
यहां भी हो रही वसूली
>सर्कुलर रोड में जेल चौक और ईस्ट जेल चौक, दोनों चौक पर प्रत्येक ऑटो से 10 रुपए की वसूली होती है।
>रेडिशन ब्लू होटल के सामने ऑटो स्टैंड नहीं है, फिर भी यहां पर ऑटो से 10 रुपए की वसूली हो रही है।
>रांची और हटिया रेलवे स्टेशन के पास ऑटो से 20 से 30 रुपए की वसूली हो रही है। विरोध करने पर ठेकेदार के आदमी गाली गलौज से मारपीट तक करते हैं।
हर माह 30 से 50 लाख की वसूली
आईटीआई बस स्टैंड के पास हर दिन लगभग दो हजार ऑटो से दस रुपए की वसूली होती है, यानी एक माह में लगभग छह लाख रुपए वसूले जाते हैं। रातू रोड में हर दिन लगभग चार हजार ऑटो से वसूली होती है, यानी एक दिन में लगभग 40 हजार की वसूली और एक माह में लगभग 12 लाख रुपए की अवैध वसूली होती है। इसी तरह कांटाटोली चौक से आगे हर दिन लगभग चार हजार ऑटो से वसूली होती है, यानी एक माह में लगभग 12 लाख रुपए की अवैध वसूली होती है। इसके अलावा जेल चौक के पास 15 रुपए प्रति ऑटो, किशोरी सिंह यादव चौक के पास 20 रुपए प्रति ऑटो से वसूली की जाती है।
पब्लिक को ऐसे होती है परेशानी
किसी भी स्थान से रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो चालक तैयार नहीं होते हैं। क्योंकि रेलवे स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ऑटो चालकों से पैसा ले लिया जाता है। वहीं रेलवे स्टेशन से दूसरे किसी भी रूट में जाने वाले ऑटो से भी पैसे की वसूली होती है। ऑटो चालक यह पैसा पब्लिक से ही वसूल करते हैं। रातू रोड, सर्कुलर रोड, बहू बाजार रोड, पिस्का मोड़ सहित अन्य रूट में ऑटो से वसूली होने के चलते लोगों को अनावश्यक आने जाने में देर होती है।
बड़ा सवाल
>निगम ने ऑटो पड़ाव बंदोबस्त नहीं किया, तो फिर निगम के नाम से कैसे रसीद इस्तेमाल हो रहा है।
>नगर निगम के नाम पर अवैध वसूली करनेवालों पर आज तक निगम की ओर से क्यों नहीं कार्रवाई हुई।
>निगम के अनुसार, तीन ऑटो पड़ाव को बंदोबस्त नहीं किया गया, फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं होती।
>ऑटो चालकों से खुलेआम वसूली हो रही है, ऐसे तत्वों पर पुलिस क्यों नहीं कार्रवाई कर रही है।
>कहीं ऐसा तो नहीं कि ऑटो से वसूली गई राशि अधिकारियों तक पहुंच रही है, ताकि सब चुप रहे।
रातू रोड - झुंड बनाकर खड़े रहते हैं युवक
स्टेट इलेक्शन ऑफिस के सामने तीन-चार युवक झुंड बनाकर खड़े रहते हैं। रातू रोड चौक से पिस्का मोड़ रूट के ऑटो को हाथ देकर बीच रास्ते में रोका जाता है। खड़े युवक अपने हाथ में रसीद लिए हुए हैं। जैसे ही ऑटो नजदीक आता है, युवक हाथ देकर उसे रोकते हैं और रसीद थमाते हैं। ऑटो चालक दस रुपए उन युवकों की ओर बढ़ा देता है। रसीद पर कार्यालय रांची नगर निगम लिखा हुआ है। ठेकेदार का नाम रमेश सिंह है। उक्त ठेकेदार के नाम से रातू रोड दुर्गा मंदिर के पीछे स्थित ऑटो स्टैंड बंदोबस्त किया गया था, लेकिन ट्रैफिक एसपी की अनुशंसा के बाद उसे भी निगम ने रद्द कर दिया। इसके बाद भी रातू रोड में हर दिन लगभग चार हजार ऑटो से दस रुपए की वसूली की जा रही है।
आगे की स्लाइड में फढ़िए कांटाटोली - टोकन पर होता है ठेकेदार का नाम।