रांची. रांची के कोकर निवासी असिस्टेंट इंजीनियर अर्जुन प्रसाद की गुमला में गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रसाद गुमला नगर पंचायत में बतौर एसडीओ तैनात थे। शुक्रवार को अपराधियों ने उन पर उस समय गोलियां बरसा दीं, जब वे और ईंट-भट्ठा मालिक श्यामलाल प्रसाद एक भट्ठे से अपनी-अपनी बाइक पर लौट रहे थे।
गोली अर्जुन प्रसाद की कनपट्टी पर लगी और वह वहीं ढेर हो गए। प्रसाद पांच साल से गुमला में काम कर रहे थे। उनका स्वभाव काफी मिलनसार था। उनकी हत्या के कारणों का पता नहीं चला है। गोली श्यामलाल को भी लगी है और उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया है। हमलावर तीन की संख्या में थे और घटना को अंजाम देकर अपनी बाइक से फरार हो गए।
हर शनिवार होता था अजरुन का इंतजार
हम हर शनिवार उनका इंतजार करते थे, पर अब वो नहीं आएंगे। यह कहते हुए गुमला में मारे गए एसडीओ अर्जुन प्रसाद के भाई संदीप का गला रूंध गया। संदीप ने बताया कि शुक्रवार चार बजे उनका फोन भी आया था और हमेशा की तरह उन्होंने शनिवार को आने की बात भी कही थी। एसडीओ अर्जुन प्रसाद का घर कोकर स्थित ढेलाटोली में है।
पिता विश्वनाथ प्रसाद का कहना था कि मेरा बेटा नेक दिल इंसान था, उसका कोई दुश्मन भी नहीं था। फिर क्यों किसी ने उसकी हत्या कर दी, समझ नहीं आ रहा। बेटे की मौत की खबर ने उन्हें बेसुध सा कर दिया है। अर्जुन की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी और मां तो बार-बार अचेत हो जातीं।
हालांकि, काफी समय तक बेटे की मौत की खबर मां से छुपाई गई, लेकिन मां से बेटे की बात कहां छुपती है। वह खुद ही सब समझ गईं। अर्जुन प्रसाद का शव लाने उनके छोटे भाई प्रवीण कुमार अपने रिश्तेदार के साथ गए थे। अर्जुन भाइयों में सबसे बड़े थे। अर्जुन प्रसाद को जानने वाले उनके एक करीबी राजेश जायसवाल ने बताया कि अर्जुन नेक दिल इंसान थे। वह काफी ईमानदार थे। उनकी ईमानदारी ने ही उनकी जान ले ली होगी।