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डाउनलोड करेंरांची. रिम्स में ब्लड से संबंधित जांच के लिए मरीज से सामान्य लैब से पांच गुना अधिक खून लिया जाता है। जांच के लिए सामान्यत: दो एमएल ब्लड सैंपल ही काफी है। लेकिन, लैब अलग-अलग होने के कारण रिम्स में मरीजों को अलग-अलग सैंपल देना पड़ता है। यही नहीं, लैब खुलने का समय सीमित होने के कारण एक ही टेस्ट के लिए कई बार सैंपल देना पड़ता है। अलग-अलग तल पर आने-जाने और लैब ढूंढऩे में मरीजों को काफी पेरशानी भी होती है। इसे देखते हुए टेक्नीशियनों ने खुद कई बार पैथोलॉजी सिस्टम को सेंट्रलाइज करने की मांग उठाई है। लेकिन रिम्स प्रशासन मौन है। वहीं कमर दर्द की शिकायत लेकर आये एक मरीज को डॉक्टरों ने खून जांच कराने की सलाह दे डाली। जिससे वह बिना वजह ही परेशान होता रहा।
कहां कौन सी जांच
आगे की स्लाइड में पढ़िए एक जांच के लिए ही दो बार खून..
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