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गुलाब व इत्र से वोटरों का स्वागत, वोटर लिस्ट में नामे नहीं है, वोट करने दो भाई

7 वर्ष पहले
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रांची. झारखंड विधानसभा के तीसरे चरण में कांके विस सीट के लिए मंगलवार को 59.43 प्रतिशत मतदान हुआ। आरंभ में मतदान का प्रतिशत कम रहा, पर धीरे- धीरे जोर पकड़ता गया। मतदान शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन की सजगता के कारण बूथ कैप्चरिंग व बोगस वोटिंग भी नहीं हुई। एसपीजी मिशन बूथ संख्या 220 पर वीवीपैट मशीन को बदलना पड़ा। इस कारण यहां लगभग एक घंटे तक मतदान प्रभावित हुआ।
इस बार मतदान बुजुर्ग पुरुष और महिला तथा निःशक्त भी काफी संख्या में वोट देने के लिए सामने आए। 100 वर्षीय झमन यादव ने अवामी स्कूल बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं बोड़ेया मध्य विद्यालय बूथ पर 80 वर्षीय बी निहार ने अपना वोट डाला। अरसंडे मध्य विद्यालय के बूथ संख्या 232 पर निशक्त निरंजन सोनी ने भी अपना वोट डाला। चल-फिर पाने में अक्षम मेंहदी हसन नाम दर्ज नहीं होने के कारण वापस लौट गए। उधर कांके अवामी स्कूल के आदर्श बूथ संख्या 213 और 2014 पर मतदाताओं को गुलाब का फूल दिए गए। कांके में बनाए गए कुल तीन आदर्श बूथों पर मतदाताओं को फूल और टाॅफी दिए गए। वहीं बुनियादी स्कूल कांके, सीआईपी गेस्ट हाउस और किसान हास्टल बूथ पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था की गई थी।
वोटर लिस्ट में नामे नहीं है, वोट करने दो भाई
कांके रोड सेे बिनोद ओझा
अरे भाई मेरा तो नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं है। कोई तो मुझे एक पर्ची दे दो। मुझे किसी तरह से एक वोट देना है। भले बोगस ही सही। कांके विस क्षेत्र के जवाहर नगर स्थित बूथ संख्या 261 पर अपनी मां के साथ पहुंचा एक नौजवान पर्ची देने वाले से यही कहते हुए आग्रह करता है। पर्ची में नाम होने के कारण उसकी मां ने वोट दे दिया। बूथ संख्या 262 पर कांके रोड बसंत बिहार में रहने वाले विश्वनाथ जाजोदिया परिवार के साथ वोट डालने पहुंचते हैं। लोकसभा में अपना वोट डाला था लेकिन इस बार सूची से सिवाय उनके एक पुत्र के उनके पूरे परिवार का नाम गायब था। तमतमाए चेहरे के साथ उनका आक्रोश फूट पड़ा, कहा वोट तो डालूंगा ही। इधर, पति के साथ पहुंची मीनू सिंह की नजर अचानक वहां मौजूद बीएलओ पर पड़ती है। पूछती है, अरे आप ही तो मेरे अपार्टमेंट में गई थी, मेरा नाम संशोधन हो गया है न। बीएलओ के कहने पर नाम देखती है। नहीं मिलने पर कहती हंै, नाम तो है, फोटो दूसरे का है। वोट डाल सकती हूं न। जरूर दे सकती हैं, इतना कह बीएलओ मुस्कुरा देती है।
छह महीने में नाम गायब हो गया ..
जल्दी पर्ची दीजिए मैडम....सीधे पटना से चल कर सीधे बूथ पर ही आ रहे हैं। पीठ पर झोला लटकाए एक व्यक्ति कांके के मोरहाबादी बूथ संख्या 307 बीएलओ से मतदाता पर्ची मांग रहा है। अरे भैया नाम बताइयेगा तब ना...। आशुतोष झा,मतदाता संख्या 371,कुसुम विहार..। लेकिन 371 में तो किसी और का नाम है। कइसे किसी और का नाम होगा..लोस चुनाव में इसी नम्बर पर वोट दिए थे। छह महीने में नाम गायब हो गया।