रांची. वारंट निकलने के बाद गायब हुए राज्य के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव अगर जल्द से जल्द पुलिस के सामने नहीं आते हैं तो पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए राज्य के बाहर जाएगी। हजारीबाग पुलिस को सूचना है कि योगेंद्र साव दिल्ली चले गए हैं। हजारीबाग पुलिस ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। योगेंद्र साव से पूछताछ के लिए बनी टीम ने उनके ठिकाने का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को योगेंद्र साव रांची हवाई अड्डा से दिल्ली चले गए। दिल्ली में वे झारखंड भवन में ठहरे थे और मीडिया से बात भी की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस आलाकमान से बात करने के लिए वे दिल्ली आए हैं। इसके बाद से योगेंद्र साव के बारे में जानकारी नहीं है। वह भूमिगत हैं। इधर, योगेंद्र साव मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने गुरुवार को टाइगर गिरोह और राजकुमार गुप्ता से जुड़े एक और अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
दो दिन बाद सीएम से मिल सकीं साव की पत्नी
दो दिनों के प्रयास के बाद पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव की पत्नी निर्मला देवी गुरुवार शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल सकीं। प्रोजेक्ट भवन स्थित कार्यालय में मुलाकात के दौरान सीएम से उन्होंने आग्रह किया कि पूर्व मंत्री के मामले में जल्द से जल्द सीआईडी अनुसंधान का आदेश दें। इसके साथ ही निर्मला ने आवास से हटाई गई सुरक्षा को फिर से बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटा लेने से जान को खतरा है। मुलाकात के दौरान पुत्र सुमित और बेटी श्वेता भी निर्मला देवी के साथ थे। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर की शाम सात बजे सीएम आवास जाकर पूर्व मंत्री की पत्नी ने हेमंत सोरेन से मिलने का प्रयास किया था, लेकिन वह सीएम से नहीं मिल पाईं। इसके बाद वह 18 सितंबर की दोपहर में सीएम आवास गईं और सीएम से मिलने का प्रयास किया। इसके बाद वह 18 सितंबर की शाम बच्चों के साथ सीएम से मिलने प्रोजेक्ट भवन पहुंच गईं।
कानून का सम्मान करें योगेंद्र : सुखदेव
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कहा कि योगेंद्र साव ने जिस तरह से आरोप लगने के बाद स्वविवेक से मंत्री पद से त्याग पत्र दिया, उसी तरह उन्हें पुलिस के सामने आकर सच बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब उनके खिलाफ वारंट जारी हो गया है तो उन्हें कोर्ट और कानून दोनों का सम्मान करना चाहिए।वह सामने आएं और बेहतर तरीके से अपनी बातों को रखें। ज्ञात हो कि निर्मला देवी ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत से भी मिलने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिल पाईं। दिन में वह सुखदेव भगत के आवास पर गईं, पर उस समय प्रदेश अध्यक्ष आवास पर मौजूद नहीं थे।
सीआईडी से जांच कराना चाहते हैं साव
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव चाहते हैं कि उनके मामले में हजारीबाग पुलिस से अनुसंधान कार्य वापस लेकर सीआईडी को सौंपा जाए। सूत्रों का कहना है कि इसी वजह से वह पुलिस के सामने नहीं आ रहे हैं मंत्री पद से त्याग पत्र देने के पूर्व भी वह सीबीआई से मामले का अनुसंधान कराने की मांग लगातार सीएम से कर रहे थे। सीएम ने सीआईडी से अनुसंधान कराने का भरोसा भी जताया था, लेकिन अब तक कांड का अनुसंधान सीआईडी के माध्यम से कराने का आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है और इसकी जांच रिपोर्ट सरकार को दी जा सकती है।