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डाउनलोड करेंरांची. राज्य के चारों विश्वविद्यालयों में कुलपति व प्रतिकुलपति के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रवींद्र भगत ने मंगलवार को इस संबंध में याचिका दायर की। इसमें कहा गया है कि झारखंड यूनिवर्सिटी एक्ट में इस तरह की कमेटी के गठन का प्रावधान ही नहीं है।
कुलपति व प्रतिकुलपति की नियुक्ति के लिए राजभवन ने सर्च कमेटी का गठन किया था। मानव संसाधन विकास मंत्री गीताश्री उरांव ने इसे यूनिवर्सिटी एक्ट के खिलाफ बताते हुए राजभवन को चिट्ठी लिखी। इसके बाद से सर्च कमेटी विवादों में आ गई।
क्या है याचिका में : डॉ. रवींद्र भगत ने याचिका में कहा है कि वर्ष 2010 में सर्च कमेटी गठित की गई थी। तब वे योग्य थे। सिर्फ पैनल में नाम ही नहीं था, बल्कि वे कुलपति पद के लिए चयनित भी हुए थे। वर्ष 2013 में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला था। उन्होंने कुलपति पद के लिए आवेदन दिया था, लेकिन शॉर्ट लिस्ट में नाम नहीं था।
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