रांची. लब बैक, अल्लाह हुम्मा लब बैक की सदाएं गूंज रही हैं। नारा-ए-तकबीर, अल्लाहो अकबर, हज का सफर मुबारक के नारे लोगों की जबान पर हैं। ये नजारा रविवार को भी बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के हज टर्मिनल में दिखा। दूसरे दिन जमशेदपुर, बोकारो, रांची, हजारीबाग और गुमला सहित विभिन्न जिलों के 239 आजमीन-ए-हज मक्का के लिए रवाना हुए। इनमें अंजुमन इस्लामिया रांची के अध्यक्ष इबरार अहमद भी थे। दोस्त व परिजनों ने नम आंखों से आजमीन-ए-हज को अलविदा कहा। घर व मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की दरख्वास्त की। सोमवार को तीसरे जत्थे में कुल 240 आजमीन-ए-हज उड़ान भरेंगे। इनमें बोकारो, देवघर, जमशेदपुर, साहेबगंज और धनबाद सहित विभिन्न जिलों के यात्री शामिल हैं। इनमें बोकारो के खादीमुल हुज्जाज मो. मिसबाहुद्दीन भी होंगे।
इधर, इस बार हज यात्रियों या उस ग्रुप के लीडर को ही पासपोर्ट व वीजा देने का निर्णय हज कमेटी का है। अब उड़ान भरने से दो दिन पूर्व हज यात्रियों को हज हाउस में रिर्पोट करनी है। पहले हजयात्री के परिजन भी इसे ले लिया करते थे। दूसरे दिन हज यात्रियों का दूसरा जत्था उड़ान के निर्धारित समय से करीब दो घंटे देर से उड़ा। विमान रात को 9.30 बजे रवाना हुआ।
पायलट के कारण उड़ान में हुई देरी
पहले जत्थे को लेकर एयर इंडिया के हायर डायनेमिक कंपनी के विमान ने शनिवार को साढ़े आठ घंटा लेट से उड़ान भरी। तय समय रात 7.30 बजे की जगह विमान 4.10 बजे सुबह में उड़ा। राज्य हज समिति के चेयरमैन हाजी हुसैन अंसारी ने कहा कि उन्हें पहले पायलट की तबीयत खराब होने का पता चला, पर बाद में सुनने को मिला कि वे नशे में थे। उन्होंने एयर इंडिया के अफसरों से इस ओर ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया है।
...तो हजयात्री होटल में ठहरेंगे
पहले दिन विमान की देरी के कारण आजमीन-ए-हज को परेशानी हुई। रांची आए सेंट्रल हज कमेटी के सदस्य अब्दुल हक ने कहा है कि कई इम्बार्केशन प्वाइंट से फ्लाइट देर से गई। इस संबंध में एयर इंडिया के अधिकारियों से बात की गई है। उन्हें साफ शब्दों में कह दिया गया है कि अगर विमान अपने तय समय से देर करती है, तो हज यात्रियों को एयरपोर्ट में नहीं होटल में ठहराया जाएगा। इसका खर्च एयर इंडिया को उठाना पड़ेगा।
आईएटीए की व्यवस्था की खुली पोल
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के हज टर्मिनल पर महिला हज यात्रियों के लिए समुचित बाथरूम की व्यवस्था नहीं है। इस वजह से महिला हज यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एहराम बांधने के लिए बने तंबू का पर्दा हवा में उड़ता रहता है, जिसके कारण पुरुष व महिला हज यात्री को एहराम बांधने में परेशानी आ रही है। मंत्री हाजी हुसैन अंसारी ने कहा कि पहले दिन कुछ समस्या थी। उन समस्याओं को दूर कर लिया गया है।