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डाउनलोड करेंरांची. रिंग रोड से सटे सेंबो गांव को मास्टर प्लान में एग्रीकल्चर लैंड के रूप में चिह्नित कर दिया गया है। आरआरडीए मकानों का नक्शा पास नहीं करेगा। जबकि गांव की आधी जमीन रिंग रोड और कुछ फैक्ट्री के ले ली गई है। खेती भी नहीं हो रही। इसलिए मास्टर प्लान में संशोधन किया जाए। ये बातें सेंबो गांव से आए नीलकंठ नाथ शाहदेव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने मास्टर प्लान पर बनी कमेटी के समक्ष रखी।
सीएनटी बचाओ मोर्चा की ओर से आए प्रकाश उरांव ने पीआरडीए एक्ट के तहत आपत्ति लेने की तिथि को मार्च 2014 तक बढ़ाने की मांग रखी। निगम सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच, झारखंड शिक्षित बेरोजगार फुटपाथ दुकानदार महासंघ सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान पर अपना पक्ष रखा। फुटपाथ दुकानदार संघ के कौशल किशोर ने सड़कों का चौड़ीकरण, हर जोन में वेंडिंग जोन बनाने, फ्लाई ओवर का निर्माण कराने की मांग रखी।
यह मिला जवाब
निगम के डिप्टी सीईओ ओमप्रकाश शाह और टाउन प्लानर घनश्याम अग्रवाल ने आपत्तियों का जवाब देते हुए कहा कि लैंड यूज बदले जाने का स्कोप है। जहां भी पहले से आबादी बसी हुई है और उसका लैंड यूज एग्रीकल्चर कर दिया गया है, उसका सर्वे कर लैंड यूज में संशोधन कराया जाएगा। मास्टर प्लान पर आपत्ति लेने की तिथि बढ़ाने के सवाल पर डिप्टी सीईओ ने कहा कि लोगों की इस मांग से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। फीडबैक वेंचर के गजेंद्र सिंह ने कहा कि बहुमंजिली इमारतों में पार्किंग का प्रावधान किए बगैर नक्शा पास नहीं करने, सड़क की चौड़ाई बढ़ाने, स्किल डेवलपमेंट करने, रिंग रोड के आसपास मिक्स्ड यूज होगा।
सीईओ चैंबर में ही पार्षदों का धरना
रांचीत्न राजधानी की सफाई व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को वार्ड नंबर 28 के पार्षद अशोक बड़ाईक के नेतृत्व में दर्जनों पार्षदों ने निगम सीईओ के चैंबर में ही धरने पर बैठ गए। सीईओ मनोज कुमार ने एक फरवरी से हर वार्ड में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन दिया। तब धरना समाप्त हुआ। इनमें पूर्व पार्षद अरविंदर सिंह देवल, पार्षद अजीत उरांव, जेरमिन टोप्पो, अशोक खलखो, सविता लिंडा, श्रवण महतो, पुष्पा तिर्की, लक्ष्मण कच्छप सहित अन्य पार्षद उपस्थित थे।
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