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नि:शक्तता के बावजूद खेल में जीता अवॉर्ड, राष्ट्रपति से भी हो चुके हैं सम्मानित

7 वर्ष पहले
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(रमाशंकर मिश्रा को राष्ट्रपति भी कर चुके हैं सम्मानित)
हजारीबाग. हजारीबाग में पदस्थापित एक दारोगा ने कर्तव्य और वर्दी की गरिमा बरकरार रखने में नि:शक्तता को कभी आड़े आने नहीं दिया। उन्होंने नौकरी में ईमानदारी और संघर्ष का मानक गढ़ कर पुलिस विभाग के लिए मिसाल कायम की है। अपने काम से इंटरनेशनल, नेशनल, स्टेट एवं रेंज स्तर पर अव्वल होने का खिताब जीता है। आज उनके खाते में राष्ट्रपति पुरस्कार समेत ढाई सौ से अधिक अवार्ड हैं। 29 साल की नौकरी में ना कोई पनिशमेंट मिला, ना कभी वरीय अधिकारियों से शो कॉज हुआ। यह सच्चाई है सिपाही से एसआई तक का सफर पूरा करने वाले रमाशंकर मिश्रा की।
खेल की पृष्ठभूमि से मिला अनुशासन
रमाशंकर मिश्रा पुलिस की नौकरी से पहले ऑल इंडिया गेम्स में बिहार का प्रतिनिधित्व करते थे। इसी आधार पर 1983 में बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर बहाल हुए। 1989 में वे स्थानांतरित होकर हजारीबाग आए। पीटीसी ट्रेनिंग में उन्हें 1990 में बेस्ट कैडेट का अवार्ड मिला। 2006 में सराहनीय सेवा के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति पदक से नवाजा।
प्रशिक्षण के दौरान हुए घायल
उन्हें आईटीबीपी अकादमी मसूरी में एक्सप्लोसिव साइंस में ऑल इंडिया में सिल्वर मेडल से नवाजा गया। पुन: 1998 में उन्हें अवर निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति दी गई। इसी दौरान 29 जनवरी 2000 को एक्सप्लोसिव डिफ्यूजन प्रशिक्षण के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट में वे बुरी तरह से घायल हो गए। ठीक तो हुए पर नि:शक्तता उनके जीवन का एक अंग बन गया। एक पांव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
29 साल का बेदाग सफर
रमाशंकर मिश्रा के 29 साल की नौकरी के सफर में एक भी पनिशमेंट नहीं मिला है। जबकि इनके खाते में 255 से अधिक रिवार्ड हैं। 2010 के लिए झारखंड पुलिस मेडल जीता है। अभी मिश्रा हजारीबाग में ट्रैफक इंचार्ज हैं। इसमें भी इन्होंने पुलिस-पब्लिक के बीच बेहतर संबंध बनाने के कई प्रयोग किए हैं।
मन से मिलती है शक्ति
रमाशंकर मिश्रा कहते हैं कि अपनी ड्यूटी में नि:शक्तता को आड़े कभी नहीं आने दिया। शक्ति मन से होती है शरीर से नहीं। नि:शक्त होने के बाद हमने कई दौड़ प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अवार्ड जीता है। हमें सेवा के लिए रखा गया है हुकूमत के लिए नहीं। ईमानदारी से कार्य करना मेरे जीवन का उद्देश्य है।
आगे की स्लाइड में देखें रमाशंकर मिश्रा की तस्वीर