रांची. पटना के गांधी मैदान में हुए सीरियल ब्लास्ट और बोधगया मंदिर में हुए ब्लास्ट का संदिग्ध आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू हैदराबाद के दिलसुख नगर बम ब्लास्ट में भी शामिल था। दो माह पूर्व तहसीन को एनआईए ने नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। 16 सितंबर को एनआईए ने तहसीन के खिलाफ एक और चार्जशीट पटना एनआईए के विशेष कोर्ट में दाखिल की है।
मालूम हो कि 21 फरवरी 2013 को दिलसुख नगर में हुए बम ब्लास्ट में 18 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 131 लोग जख्मी हो गए थे। आतंकी तहसीन अख्तर की निशानदेही पर एनआईए ने धुर्वा सीठियो के तीन युवकों को मो. इमित्याज, तौफिक और नुमान को गिरफ्तार किया था। एक आतंकी पटना सीरियल ब्लास्ट के दौरान जख्मी हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। तहसीन की गिरफ्तारी के बाद ही सीठियो गांव का नाम सामने आया था।
एनआईए की जांच में हुआ खुलासा
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी वकास और तहसीन को हैदराबाद बम ब्लास्ट की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। फरार आतंकी रियाज भटकल ने हवाला के जरिए बम ब्लास्ट के लिए सामग्री और नकद राशि उपलब्ध कराई थी। तहसीन और वकास की देखरेख में दो आईईडी बनाए गए थे। दोनों आईईडी दो साइकिलों में बांध कर विस्फोट कराया गया था।
तहसीन सीठियों में दे चुका है ट्रेनिंग
आरोप है कि तहसीन उर्फ मोनू रांची के सीठियो गांव में आतंकियों को ट्रेनिंग दे चुका है। उसकी निशानदेही पर ही एनआईए की टीम ने रांची में कई जगहों पर छापामारी कर कई सामान बरामद किए थे। भटकल की गिरफ्तारी के बाद तहसीन और हैदर को ही आईएम की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। दोनों को देश में कई जगहों पर विस्फोट करना और आतंक फैलाने का जिम्मा दिया गया था। एनआईए की टीम तहसीन को कई बार रांची लेकर आई है और कई जगहों से आपत्तिजनक सामान बरामद की है और आतंकियों के ठिकाने पर छापामारी की है। तहसीन ने इरम लॉज के बारे में भी एनआईए को कई जानकारियां दी है।