रांची. हिंदपीढ़ी पुलिस ने 200 पेज की केस डायरी सीजेएम कोर्ट में सौंपी है। सुनवाई में सहायक लोक अभियोजक वेद प्रकाश ने केस डायरी का निरीक्षण किया और नौ पाराग्राफ का हवाला दिया। इनमें
तारा को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख है। यह भी कि शादी के बाद निकाह के दिन कौशल्या रानी मौजूद थी। तारा को
मोबाइल से बात करने की पूरी छूट नहीं थी। तारा
(रकीबुल) पर कौशल्या की कड़ी नजर थी और वह बीड़ी पीने के बाद धुआं तारा के चेहरे पर उड़ाती थी।
कौशल्या की जमानत याचिका खारिज
प्रताड़ना और जबरन
धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में जेल में बंद कौशल्या रानी उर्फ कौसर परवीन की जमानत याचिका बुधवार को सीजेएम कोर्ट में खारिज हो गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले से संबंधित केस डायरी और अभिलेख में यह साक्ष्य मिला है कि कौशल्या तारा शाहदेव को अक्सर किसी से बात नहीं करने की हिदायत देती थी।
अदालत ने आदेश में केस डायरी के पारा-32 का हवाला देते हुए कहा है कि तारा शाहदेव के शरीर पर जख्म पाए थे, जो कौशल्या ने बेटे के सहयोग से दिए। अदालत ने टिप्पणी की कि इस मामले में अभी भी अनुसंधान जारी है। ऐसे में जमानत की सुविधा नहीं दी जा सकती है।
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