रांची. चतरा के तत्कालीन व रिटायर्ड जज आईडी मिश्रा से रांची पुलिस पूछताछ करेगी। मिश्रा से रांची में ही पूछताछ होगी। पुलिस ने मिश्रा के इलाहाबाद स्थित आवास के पते पर नोटिस भेजा है। उन्हें एक सप्ताह में उपस्थित होने को कहा गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को पूछताछ के दौरान देवघर और हजारीबाग के जजों ने कहा कि रिटायर हो चुके जज आईडी मिश्रा जब चतरा में पदस्थापित थे, तब उन्होंने रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल से उनका परिचय कराया था।
इधर झारखंड हाईकोर्ट के निलंबित विजिलेंस रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वह शुक्रवार को पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हो सके थे। रांची पुलिस ने उन्हें फिर से नोटिस भेजा है। मुश्ताक अहमद को यह नोटिस झारखंड हाईकोर्ट के उनके कार्यालय के पते पर भेजा गया है। एसएसपी ने बताया कि आवश्यकता पड़ी तो पुलिस मुश्ताक अहमद के आवास पर भी जाकर पूछताछ कर सकती है।
रंजीत ने कहा, मिश्रा से रहे हैं पुराने संबंध
रंजीत उर्फ रकीबुल ने पुलिस को बताया है कि रिटायर्ड जज आईडी मिश्र से उसके पुराने संबंध हैं। उनसे पहली मुलाकात तब हुई, जब वह अपनी मां की पेंशन के लिए भटक रहा था। उसके पिता की मौत के बाद पेंशन लेने में परेशानी हो रही थी। वह पेंशन की राशि अपनी मां के नाम पर करवाना चाह रहा था। इस दौरान उसे कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसी क्रम में उसकी मुलाकात तत्कालीन जज आईडी मिश्रा से हुई थी। आईडी मिश्रा के सहयोग से उसकी मां के नाम से पेंशन कार्ड बना था। इस दौरान जो कोर्ट में दांव पेंच हुआ, उससे वह वाकिफ हो गया। इसके बाद उसने पेंशनधारकों को कार्ड दिलाने का काम भी शुरू किया। इसके अलावा कोर्ट से जुड़े दूसरे काम भी करवाने में रंजीत उर्फ रकीबुल लोगों की मदद करने लगा।
मिश्रा की वजह से हुई दूसरे जजों से जान-पहचान
रंजीत उर्फ रकीबुल ने पुलिस को दिए बयान में कहा है पेंशन का काम कराते ही उसने कोर्ट से संबंधित बड़े काम करना भी शुरू किया था। इस दौरान गुमला के भी एडीजेएम से भी उसकी मुलाकात हुई। एक साल के अंदर झारखंड के कई जिलों में कोर्ट से जुड़े अधिकारियों से उसकी जान पहचान हो गई और उसकी चलती हो गई थी। रिटायर्ड जज आईडी मिश्रा की वजह से दूसरे कई जजों से भी उसके संबंध बन गए। इसका फायदा उठाकर रंजीत ने रांची समेत झारखंड के दूसरे जिलों तक अपना जाल बिछाया। झारखंड के कई राजनेताओं से भी उसके संपर्क बन गए। रकीबुल ने माना है कि जजों से अपने संबंध की वजह से ही उसने कई राजनेताओं को न्यायपालिका से जुड़े मामलों में मदद पहुंचाई है।