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गवाही न होने से हाईकोर्ट हुआ नाराज और तलब कर दिया गवर्नर के सलाहकार

9 वर्ष पहले
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रांची . आपराधिक मामलों की जांच में आईओ (जांच अधिकारी) व डॉक्टरों की गवाही न होने पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार को 28 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है।

इसके लिए सरकारी वकील को निर्देश दिया गया है। प्रकाश किस्कू व अन्य की ओर से दायर क्रिमिनल अपील याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह आदेश दिया।

गवाही न होने से अभियुक्तों को लाभ
कोर्ट ने कहा कि अधिकांश मामलों में यह देखने को मिल रहा है कि जांच अधिकारी और डॉक्टरों की गवाही नहीं हुई है। इससे अभियुक्तों को लाभ मिलता है।

इस संबंध में कई बार आदेश दिया गया है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रकाश किस्कू के मामले में भी जांच अधिकारी और डॉक्टरों की गवाही नहीं हुई है।

बुधवार को ही बुलाया था हाईकोर्ट ने
प्रकाश किस्कू की ओर से दायर मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में बुधवार को दोपहर 12:30 बजे हुई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सरकारी वकील को निर्देश दिया कि सलाहकार के विजय कुमार को दिन के 2:30 बजे बुलाया जाए। यह काफी गंभीर मामला है।

दोपहर बाद 2:30 बजे सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि के विजय कुमार व्यस्त हैं। वे रिम्स शासी निकाय की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इस पर कोर्ट ने उन्हें 28 फरवरी को बुलाने को कहा।

क्या है मामला
अपीलकर्ता प्रकाश किस्कू पर हत्या का आरोप है। साहेबगंज की निचली अदालत ने इस मामले में किस्कू समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

निचली अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कहा गया है कि इस मामले में न तो आईओ की गवाही हुई और न ही डॉक्टर की। सिर्फ चश्मदीद की गवाही को आधार बना कर सजा सुनाई गई है।