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जरूरी मामलों की सुनवाई में अब नहीं होगी देरी, हाईकोर्ट में शुरू हुई मेंशनिंग की नई प्रक्रिया

7 वर्ष पहले
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रांची. अर्जेंट मामलों की सुनवाई में अब हाईकोर्ट में विलंब नहीं होगा। नए चीफ जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए नई व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके तहत अब वैसे मामले जो सुनवाई के लिए जरूरी हैं और इसके पीछे समुचित कारण हैं तो अधिवक्ता के आग्रह के दूसरे दिन उस मामले की सुनवाई कर ली जाएगी। इसके लिए कोर्ट ने एक मेंशनिंग के आवेदन का प्रारूप निर्धारित कर दिया है। इसे भर कर देना होगा। इसमें केस से संबंधित सभी जानकारी तथा तत्काल सुनवाई की आवश्यकता क्यों है यह बताना होगा। कारण से संतुष्ट होने के बाद मामले को सुनवाई के लिए अगले दिन की सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
जिन मामलों में होगी सुनवाई
जमानत, अग्रिम जमानत, सिविल रिव्यू, क्रिमिनल रिव्यू, विशेष परिस्थिति में आइए आदि की सुनवाई अब की जा सकेगी।
आवेदन का त्रुटिहीन होना अनिवार्य शर्त
मेंशन किए जाने वाले मामलों की सुनवाई के लिए आवेदन को त्रुटिहीन होना अनिवार्य शर्त है। आवेदन पर तभी विचार किया जाएगा जब इसमें कोर्ट ने किसी प्रकार का डिफेक्ट नहीं लगाया हो। पूर्व में भी अगर कभी इस मामले में डिफेक्ट लगे हों तो नए आवेदन में इसकी जानकारी देना अनिवार्य है।
एसोसिएशन की मांग पर हुई व्यवस्था
मेंशनिंग के संबंध में एडवोकेट एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने चीफ जस्टिस से मुलाकात कर नई व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया था। इसे चीफ जस्टिस ने स्वीकार किया और नई व्यवस्था शुरू की। एडवोकेट एसोसिएशन के महासचिव डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि पूर्व की व्यवस्था से मुवक्किलों और अधिवक्ताओं को काफी परेशानी हो रही थी। नई व्यवस्था स्वागत योग्य है।
जनवरी से दिखेगा बदलाव का असर
नई व्यवस्था हाईकोर्ट में जारी कर दी गई है। इसके अनुरूप आवेदन दिए जा रहे हैं परंतु अधिवक्ताओं का मानना है कि इस व्यवस्था का पूरा प्रभाव जनवरी से दिखेगा। अभी यह ट्रायल की तरह चल रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से लोगों को कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाने से मुिक्त मिलेगी।