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ट्रेनों में सादे वेश में तैनात रहेंगे हथियारबंद जवान, ऑन स्पॉट करेंगे कार्रवाई

6 वर्ष पहले
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रांची। अब आप ट्रेनों में बेखौफ होकर सफर कर पाएंगे। झारखंड से गुजरने वाली ट्रेनों में सादे वेश में पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। इसका ट्रॉयल शुरू किया जा चुका है। 16 जनवरी को दिल्ली में ट्रेन व महिला सुरक्षा पर गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय की बैठक के बाद झारखंड की रेल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है। बिहार, झारखंड और बंगाल के डीजी से मिले सुझाव के बाद गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी है।
यात्रियों को पता भी नहीं चल पाएगा कि उनके बगल की सीट पर सफर करने वाला व्यक्ति यात्री है या पुलिस का जवान। ये सुरक्षा के साथ-साथ स्पाई का भी काम करेंगे। इन जवानों की पहचान छुपाना रेल पुलिस की प्राथमिकता में है। इसलिए स्कॉट के दौरान ट्रेनों का रोटेशन होता रहेगा। बिहार के ट्रेनिंग डीजी पीएन राय ने रेलवे सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में इस पर प्रेजेंटेशन भी दिया था। इसमें समन्वय, कम्यूनिकेशन, स्ट्रेटजी, ट्रेनों में रेंडमली स्कॉट, समय-समय पर ट्रेनिंग, इन्वेस्टिगेशन व अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई थी।

जीआरपी को भी नहीं होगी जानकारी
प्रतिदिन ये जवान किस ट्रेन में स्कॉट कर रहे हैं, इसकी जानकारी जीआरपी थाने को भी नहीं होगी। किसी भी प्रकार की घटना होने पर ये जवान सीधे कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। इनके इंचार्ज एसपी और ऑफिसर इंचार्ज डीएसपी लेवल के अधिकारी होंगे।
छोटे हथियार से होगी सहूलियत
रेल एसपी मृत्युंजय कुमार मितू ने बताया कि ट्रेन की बोगियों में जगह कम होने और भीड़भाड़ की वजह से बड़े हथियार से पोजिशन लेने में समस्या होती है। इसलिए जवानों को 9 एमएम पिस्टल उपलब्ध कराई गई है। जरूरत पड़ने पर ये जवान ऑन स्पॉट कार्रवाई करेंगे। इनकी उपस्थिति से छोटी-मोटी चोरी, छिनतई आदि की घटनाओं पर रोक लग जाएगी। ट्रॉयल के रूप में झारखंड के कई रूटों पर जवान सादे वेश में स्कॉट करना शुरू कर चुके हैं। अभियान में सफलता भी मिली है। इसे पूरे झारखंड में लागू किया जाएगा।
बेहतर कम्यूनिकेशन का निर्देश
गृह मंत्रालय ने कहा है कि रेल परिचालन सामान्य ढंग से चले और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए आरपीएफ, जीआरपी और आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) को आपस में समन्वय बनाकर चलना होगा। सुरक्षा एजेंसियां आपस में गुप्त सूचनाओं का आदान-प्रदान करें। साथ ही खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए जीआरपी को गश्ती बढ़ाने को कहा गया है। ट्रेनों की प्रतिदिन वीडियोग्राफी भी की जाएगी।