पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बीएसएनएल की जबरदस्त पहल, अब टेलीफोन सेट पर कर सकेंगे वीडियो कॉल

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रांची. जब आप अपने घर में बैठकर विदेश में रह रहे अपनों से बात कर रहे होते हैं, तो उनका चेहरा भी देखने की इच्छा होती होगी। आपकी यह इच्छा भी पूरी होने वाली है। जल्द ही यह सुविधा आपके टेलीफोन सेट पर उपलब्ध होगी। बीएसएनएल ने अपने उपभोक्ताओं के लिए वॉयस एंड वीडियो ऑवर ब्रॉडबैंड (वीवीओबीबी) नामक यह योजना लाने की तैयारी कर ली है। यह वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। बाजार में टेलीफोन सेट आने के बाद ही आवेदन लिए जाएंगे।
ब्रॉड बैंड से जुड़ेगा फोन
इस सुविधा के लिए उपभोक्ता को ब्रॉड बैंड का कनेक्शन लेना होगा। कॉलर और रिसीवर दोनों के पास ब्रॉड बैंड कनेक्शन के अलावा विशेष प्रकार का टेलीफोन सेट (मॉनीटर वाला) रहना जरूरी है। उपभोक्ता इसे अपने कम्प्यूटर स्क्रीन या अन्य एलसीडी मॉनीटर के साथ भी कनेक्ट कर सकेंगे।
घर से लेकर ऑफिस तक के काम में यूजफुल
ये होंगे शुल्क
8,000 से 40,000 रुपए। इसमें एक मुश्त रजिस्ट्रेशन कम एक्टिवेशन चार्ज, सर्विस चार्ज, टेलीफोन सेट का मूल्य, एनालॉग टेलीफोनी एडॉप्टर शामिल है। इसके अलावा हर महीने का ब्रॉड बैंड चार्ज और यूजेज चार्ज लगेगा।
घरों में रखे नए टेलीफोन सेट के माध्यम से लोग दूर बैठे रिश्तेदारों से बात कर सकेंगे। साथ ही ऑफिस संबंधी काम भी आसानी से निपटा सकेंगे।
घरेलू इस्तेमाल - लोग अपने घर पर बैठकर रिश्तेदारों या अन्य व्यक्ति से बात कर सकेंगे। इससे आमने-सामने बात करने जैसा अनुभव होगा।
बिजनेस कम्युनिकेशन - ऑफिस की मीटिंग या इंटरव्यू के लिए आमने-सामने होना जरूरी नहीं है। फोन से ही एक-दूसरे से बात कर सकेंगे।
टेली एजुकेशन - किसी संस्थान के अनुभवी प्रशिक्षक अपनी जगह पर बैठकर क्लास ले सकेंगे।
वीडियो सर्विलांस - बीएसएनएल की नई सुविधा से बिजनेस लोकेशन से दूर बैठकर भी व्यापारी अपने प्रतिष्ठान में चल रही एक्टिविटीज की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दे सकेंगे।
टेली मेडिसिन - एक्सपर्ट दूसरों से अनुभव शेयर कर सकेंगे। मरीज से सवाल पूछ सकेंगे व जांच कर सकेंगे। दूर गांव में भी कान्फ्रेंसिंग से ऑपरेशन या चिकित्सा पद्धति देख सकेंगे।
कम पैसे में लोग एक-दूसरे से कर सकेंगे बात
अभी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए लीज लाइन होना जरूरी है। यह काफी खर्चीला है और सिर्फ ऑफिस में इस्तेमाल होता है। वीवीओबीबी शुरू हो जाने से लोग कम पैसे में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा ले सकेंगे।
रामाश्रय प्रसाद, डीजीएम (आईटी) झारखंड सर्किल