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कामाख्या में नवरात्र कर रहे हैं योगेंद्र साव, पूर्व मंत्री को वारंट लेकर ढूंढ़ रही है पुलिस

7 वर्ष पहले
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रांची. उग्रवादी संगठनों से संबंध मामले में फरार राज्य के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव इन दिनों मां कामाख्या के दरबार में नवरात्र कर रहे हैं। इधर, पुलिस वारंट लेकर उन्हें ढूंढ़ रही है। शुक्रवार को भास्कर संवाददाता ने उनसे फोन पर बातचीत की, तो वे पुलिस पर बरस पड़े। उन्होंने कहा, कुछ कंपनी और पुलिस अफसर मिलीभगत कर मेरे खिलाफ गंदी राजनीति कर रहे हैं। मैं अभी माता के दरबार में हूं। अब मां कामाख्या ही फैसला करेंगी। मैंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हजारीबाग के जिला जज के यहां अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। मैं कोर्ट का सम्मान करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि कोर्ट से मुझे न्याय मिलेगा।
योगेंद्र साव ने कहा कि पुलिस ने अपराधी के बयान को सच माना और मुझे अपनी बात रखने का भी मौका नहीं दिया। मैंने 12 सितंबर को मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद दिल्ली चला गया। पुलिस ने नोटिस जारी किया और मेरी अनुपस्थिति में मेरे बेटे को थमा दिया। इसमें मुझे पूछताछ के लिए 14 सितंबर को हाजिर होने के लिए कहा गया था। मेरे पुत्र ने पुलिस से सात दिन का समय मांगा, लेकिन पुलिस ने समय नहीं दिया। 15 सितंबर को वारंट जारी करा दिया।
राजकुमार गुप्ता को जेल में दिया जा रहा है प्रलोभन
योगेंद्र साव ने कहा कि मेरे खिलाफ बयान देने पर झारखंड टाइगर ग्रुप के सरगना राजकुमार गुप्ता का जेल में खूब सत्कार किया जा रहा है। उसे प्रलोभन के साथ ही धमकी भी दी जा रही है। उसे कहा गया है कि अगर वे बयान से मुकरा तो और मुकदमे में फंसा कर 20 साल तक जेल में सड़ा दिया जाएगा। वहीं राजू साव जब गलत बयान देने को तैयार नहीं हुआ तो उसे जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है। धारा 164 के तहत उसका बयान भी कोर्ट में दर्ज कराना चाहिए।
हजारीबाग एसपी पर जांच प्रभावित करने का आरोप
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि हजारीबाग के एसपी मनोज कौशिक जांच को प्रभावित कर रहे हैं। योगेंद्र साव ने कहा कि उन्होंने एसपी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया। कोयला तस्करी, स्पंज आयन व अन्य मामलों को उठाया। एसपी की संपत्ति की जांच की मांग की। सीएम को एसपी की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी दी। इसी का बदला लेने के लिए एसपी ऐसा कर रहे हैं। मैंने तो इस्तीफा दे दिया, अब हजारीबाग एसपी को भी
वहां से हटाना चाहिए।
गहराई से जांच करे सीआईडी
योगेंद्र ने कहा कि सीआईडी को सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच करनी चाहिए। उन्होंने लगातार छह महीने तक मुख्यमंत्री को जो आवेदन दिए हैं, उनमें शामिल बिंदुओं पर भी जांच होनी चाहिए। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
योगेंद्र के भाई धीरेंद्र का सरेंडर
पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव के भाई धीरेंद्र साव ने एसडीजेएम अखिलेश कुमार की अदालत में शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे जेपी केंद्रीय कारा भेज दिया। उग्रवादी संगठन झारखंड टाइगर ग्रुप और झारखंड बचाओ आंदोलन से संबंधों के मामले में धीरेंद्र के खिलाफ गिद्दी थाना में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस 26 दिनों से उसे तलाश रही थी। दोनों संगठनों ने आठ माह में अपहरण, हत्या, लूट, लेवी और फिरौती वसूली के दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया। गिरफ्तार उग्रवादियों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि सभी घटनाओं की जानकारी धीरेंद्र साव व योगेंद्र के साले मुकेश साव को थी। इसपर दोनों को अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया।