हजारीबाग. हाल में ही गिरफ्तार उग्रवादी संगठन झारखंड बचाओ आंदोलन (जेबीए) के सरगना मुकेश साव उर्फ प्रभात ने पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव के साथ गहरे संबंध होने की बात कबूल की है। गुरुवार को पूछताछ में मुकेश ने खुलासा किया कि अपहरण के बाद मिली फिरौती और लेवी की राशि से हथियार और वर्दी की आपूर्ति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के जरिए होती थी। झारखंड बचाओ आंदोलन का उदय होने के बाद हथियार और वर्दी की पहले खेप राजू साव ने पहुंचाई थी, जिसमें योगेंद्र साव की गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था। उस समय हमें तत्काल सात छोटे हथियार मुहैया कराए गए थे, जिनमें पिस्टल, सिक्सर आदि शामिल हैं।
हथियारों की दूसरी खेप जब जेबीए के लिए आ रही थी, तो उसे टाइगर ग्रुप ने रख लिया था। इस पूरे मामले का अनुसंधान कर रहे इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद मुकेश साव को जेपी केंद्रीय कारा भेज दिया गया है। जबकि चट्टीबारीयातू निवासी दीपक साव से पूछताछ जारी है।
मीटिंग के बाद बना था जेबीए
मुकेश साव ने बयान दिया है कि जेबीए की नींव रखने के लिए उसने योगेंद्र साव के साथ सात बार मीटिंग की थी। योगेंद्र साव ने संगठन की जिम्मेदारी सौंपते हुए कर्णपुरा क्षेत्र में एनटीपीसी, आम्रपाली, मगध, जेवीके के अलावा पिपरवार कोल प्रोजेक्ट, सिकनी आदि के कार्यों को प्रभावित करने की जिम्मेवारी सौंपी थी।
कनफेस में इन घटनाओं का उल्लेख
सलगा निवासी शिवकुमार साव का अपहरण कर हत्या की थी-(कांड संख्या-12/13)। मुकेश ने शिवकुमार की कमर में पर्चा खोंसा था।
कंडाबेर बारियातु निवासी ईंट व्यवसायी संतोष साव की अपहरण के बाद बालूमाथ में हत्या-(कांड संख्या- 91/13)।
गर्री के लालदेव
सोनी का अपहरण, फिर फिरौती लेने के बाद छोड़ा था-(कांड संख्या 16/13 है)।
कंडाबेर बारियातु निवासी पुलिसकर्मी मुन्ना साव के पुत्र की हत्या-(कांड संख्या 68/08 है)।
नाेट : ये सभी घटनाएं केरेडारी थाना क्षेत्र की हैं।
सिकरी के कृष्णा सिंह फिरौती के बाद छोड़ा था। (बड़कागांव थाना कांड संख्या-91/14 दर्ज है)