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  • शेख अब्दुल्ला कर रहे थे भारत से गद्दारी

पंडित नेहरू के उड़ गए होश जब उन्हे मालूम चला शेख बगावत करने वाला हैं

7 वर्ष पहले
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( दस साल के कारावास के बाद जम्मू जेल से बाहर आते शेख अब्दुल्ला। फाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में इस बार किसके सिर पर होगा ताज और किसको मिलेगा राजनीतिक वनवास। क्या यहां भी चलेगा मोदी का जादू या फिर पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस या कांग्रेस की बनेगी सरकार। आखिर कश्मीर की राजनीति में क्या है खास। dainikbhaskar.com आपको बता रहा है जम्मू-कश्मीर से जुड़ी हर वो बात जो जानना चाहते हैं आप। इसी कड़ी में हम आपको सिलसिलेवार बता रहे थे कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के दादा शेख अब्दुल्ला द्वारा लिखी गई पुस्तक 'आतिशे-चिनार' के चुनिंदा अंशों के बारे में, आज पढ़िए इसकी अंतिम किश्त...
श्रीनगर। कश्मीर के पहले राज्य प्रमुख शेख अब्दुल्ला के मन में क्या चल रहा है और उनका अगला कदम क्या होगा इसकी थाह कोई नहीं ले सका। नेहरू से उनकी निकटता तो जग जाहिर थी। वह जिन्ना के भी काफी करीबी थे। आखिरकार गुलमर्ग में शेख अबदुल्ला को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर दस साल के लिए जेल भेज दिया गया। कारण रहा शेख किसी पाकिस्तानी अधिकारी से मिल भारत के खिलाफ विद्रोह की योजना बनाने जा रहे थे। इसके पीछे ब्रिटेन का भी हाथ बताया जाता है। इधर दिल्ली में शेख के जो पत्र गुप्तचर एजेंसियों ने बरामद किए थे उससे नेहरू के भी होश उड़ गए थे।
शेख अब्दुल्ला ने अपनी पुस्तक आतिशे चिनार में पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार उल्लेख कर अपने आपको पाक साफ बताया है। उन्होंने बताया है कि जिस षड्यंत्र के तहत मुझे फंसाया गया था वह सरासर झूठी थी।
क्या मैं गद्दार था दस साल तक मुझे जेल में सड़ाया
शेख ने पुस्तक में बताया है कि मेरे किसी दुश्मन ने जवाहरलाल को बता दिया कि मैं गुलमर्ग में किसी पाकिस्तानी अफसर से मिलकर कश्मीर में बगावत करने की साजिश करने के लिए जा रहा हूं। यह इतना ज़बरदस्त झूठ था कि बाद में भारतीय योद्धा इसको दोहराने की हिम्मत ही न कर सके। सवाल यह है कि सारी रियासत में भारत की फौज फैली हुई थी। उनकी इजाजत के बिना युद्धविराम रेखा पर परिंदा पर नहीं मार सकता था। यदि बकौल मलिक यह बात सही होती कि उन्हें ज्ञात था कि मकबूल गिलानी के माध्यम से पाकिस्तानी फौज का कोई अधिकारी मुझसे गुलमर्ग में मिलने वाला है तो उन्हें उस अधिकारी को मेरे साथ गिरफ्तार करने से किसने रोका था? इसके अतिरिक्त रियासत के गृहमंत्री की हैसियत से सीआईडी और पुलिस के तमाम विभागों पर बख्शी गुलाम मोहम्मद का अधिकार था।
आगे की स्लाइड में पढ़े कौन था गुलमर्ग में शेख के साथ...