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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की गठबंधन सरकार खतरे में है। दोनों पार्टियों के बीच मतभेद गहरे हो गए हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कभी भी इस्तीफा दे सकते हैं।
विवाद का मुद्दा राज्य में 700 प्रशासनिक इकाइयों के गठन का है। उमर अब्दुल्ला अपै्रल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ये इकाइयां गठित करना चाहते हैं। कांग्रेस इसके खिलाफ है। इस मसले पर दोनों पार्टियों में दूरी बढ़ती जा रही है।
सोमवार को तीन बड़े नेताओं की बैठक हुई। कांग्रेस की राज्य प्रभारी अंबिका सोनी, प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज, केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इसमें थे। पिछले हफ्ते उमर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले थे। लेकिन नतीजा नहीं निकला।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सूत्रों के मुताबिक बैठक के बाद उमर पद छोडऩे का मन बना रहे हैं। दरअसल कांग्रेस को लगता है कि योजना पर अमल हुआ तो चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस को अधिक फायदा होगा। अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव भी हैं। हालांकि कांग्रेस की दलील है कि उमर योजना के आर्थिक पक्ष पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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