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उमर अब्दुल्ला की अग्नि परीक्षा, कांटे की टक्कर, घरौंदा सहेजने में चुनाव की फुर्सत नहीं

7 वर्ष पहले
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(उमर अब्दुल्ला)
सोना वार (श्रीनगर)उदय भास्कर। कश्मीर के झेलम दरिया में आई बाढ़ का भयंकर रूप को सबसे पहले श्रीनगर शहर के सोना वार इलाके ने झेला था। बाढ़ को बीते तीन माह बीत गए हैं लेकिन प्रलय के निशान अभी भी मौजूद हैं। बाढ़ से हुए घरों को नुकसान के चलते लोग घरों को छोड़ कर दूसरे स्थानों पर जा चुके हैं और जो बचे हैं उन्हें इतनी फुर्सत नहीं कि चुनाव के बारे में सोचें जबकि अधिक चिंता टूटे घर को सहेजने की है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कांफ्रेंस के गढ़ को भांपते हुए सोना वार से चुनाव लडऩे की ठानी जबकि कांटे की टक्कर में उन्हें चुनावी अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।

लगभग 77505 मतदाताओं की संख्या वाला सोना वार विधानसभा क्षेत्र सेना के बादामी बाग कैंटोनमेंट में ही पड़ता है। सोना वार, शिव पोरा, इंदिरा नगर, बटवारा समेत आसपास के इलाके पड़ते हैं। बाढ़ का पानी श्रीनगर में सबसे पहली सोना वार में घुसा और विकराल रूप ले लिया। इस बार विधानसभा चुनाव में 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। बीजेपी की द्रक्षां अंद्राबी, कांग्रेस की खेमलता वाखलू, पीडीपी के मोहम्मद अशरफ मीर, जेकेपीसी के लालदीन मीर, अमजदअली बुहरू, रियाज अहमद वानी, अब्दुल राशिद लोन, मोहम्मद यूनिस नाजर, परवेज जमाल, पीर बिलाल अहमद,गौहर अहमद मलिक और मलिक नूरूल अमीन मैदान में हैं। सोना वार विधानसभा क्षेत्र में कुल 1092 कश्मीरी पंडित मतदाता हैं। साल 2008 में यहां बायकाट के बावजूद 39.81 प्रतिशत मतदान हुआ था। डॉ फारूक अब्दुल्ला पीडीपी के निकट प्रतिद्वंद्वी शेख गुलाम कादिर परदेसी से मात्र 94 वोटों से चुनाव जीते थे। बाद में परदेशी नेकां में शामिल हो गए।

बाढ़ ने किया मोहल्लों को बर्बाद

बाढ़ ने सोना वार के शिव पोरा मोहल्ले, बटवारा, इंदिरा नगर इत्यादि समेत अन्य इलाकों में काफी नुकसान किया है। शिव पोरा मोहल्ले में कई परिवार घर छोड़ कर दूसरे इलाकों में चले गए हैं। अभी तक घर ठीक नहीं होने से लौट नहीं पाए हैं। सूने पड़े मोहल्लों में मिट्टी के ढेर, धूल और बाढ़ से हुए नुकसान का दास्तां बयां होती है। शिव पोरा के अंदर मोहल्ले के शौकत के मुताबिक उन्हें चुनाव के लिए फुर्सत नहीं है। अभी घर ठीक करना है और उसके बाद देखेंगे। घरों को हुए नुकसान का कुछ नहीं मिला और न ही मिलने की उम्मीद है। यह सरकार लोगों को कुछ नहीं देने वाली। प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करने पर शौकत कहते हैं उन्होंने कहा तो है लेकिन तब तक कुछ न कुछ तो इंतजाम करना है। एक अन्य युवक ने नाम न बताते हुए कहा कि लोग मोहल्ला छोड़ कर जा चुके हैं। यह नेकां का गढ़ रहा है परन्तु उन्होंने कभी वोट नहीं दिया। पंथा चौक से लेकर श्रीनगर शहर में डल झील तक पहुंचने तक धूल ही धूल से भरा हुआ है यह इलाका।

कांटे की टक्कर, उमर के लिए अग्नि परीक्षा

बाढ़ प्रभावित विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लडऩा उमर के लिए अगिनी परीक्षा से कम नहीं है। पीडीपी ने तेजतर्रार नेता एवं विधान परिषद सदस्य मोहम्मद अशरफ मीर को मैदान में उतारा है। मीर काफी समय से इस क्षेत्र के लिए काम कर रहे हैं। कांग्रेस की खेमलता वाखलू का भी इस इलाके में जनाधार रहा है। पिछले चुनावों में वह तीसरे नंबर पर रहीं थी। इस बार बीजेपी ने द्रक्षा अंद्राबी को टिकट दिया है। कभी नेकां के सहयोगी रहे लालदीन छोड़ कर दूसरे दल में जा चुके हैं और उनका भी इस क्षेत्र में काफी जनाधार रहा है। बाढ़ के समय सरकार की नाकामी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी के चलते उमर अब्दुल्ला को कड़े मुकाबले से गुजरना होगा। साफ सफाई, बिजली, पानी समेत बुनियादी मुद्दों की कमी को लेकर भी आवाम खफा है।
साल 2008 के चुनावोंं में सोना वार विधानसभा सीट पर 26 प्रत्याशी मैदान मे थे जबकि इस बार केवल 14 उम्मीदवार हैं। तब 10 निर्दलीयों समेत छोटे दलों के भी उम्मीदवारों ने भागय आजमाया था। इस बार प्रमुख दलों के अलावा इंडियन फार्बड ब्लाक, जेकेकेएमपी, आरपीआई, जेकेपीसी,, राष्ट्रीय जन क्रांति जैसे दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। ज्यादा उम्मीदवारों के चलते डॉ फारूक अब्दुल्ला को भी मुश्किल से लाज बचानी पड़ी थी। नेकां, पीडीपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़ शेष प्रत्याशियों ने 6609 वोट लिए थे जबकि डॉ फारूक को 7018 वोट मिले थे। बायकाट के बावजूद सोना वार में 39.61 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार कहने को तो चुनावोंं के बायकाट की अपील है और श्रीनगर जिले की सीटों में असर रहा है। लेकिन बदले हालात में इस बार अधिक मतदान होने पर उमर अब्दुल्ला के लिए यह सीट जीतना आसान नहीं होगा। बीजेपी को पिछली बार सिर्फ 165 वोट मिले थे लेकिन इस बार द्रक्षा अंद्राबी को चुनाव में उतारा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्तार अब्बास नकवी, अमित शाह, नवजोत सिंह सिद्धू और विनोद खन्ना प्रचार कर चुके हैं। बीजेपी को इस सीट से भी चुनाव जीतने की उम्मीद है।
आगे की स्लाइड में देंखे उमर अब्दुल्ला के विधानसभा क्षेत्र की तस्वीरें...