चंडीगढ़/जम्मू। पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह को सियालकोट में गुरुवार रात राजकीय सम्मान के साथ दफन किया गया। पाकिस्तान ने सरबजीत को शहीद का दर्जा दिए जाने की पंजाब सरकार की पहल का यह कहते हुए विरोध किया था कि वह आतंकवादी था। लेकिन उसी आरोप में जम्मू की जेल में बंद सनाउल्लाह को पाकिस्तान ने राजकीय सम्मान के साथ दफन किया।
सनाउल्लाह की गुरूवार सुबह चंडीगढ़ के पीजीआई में मौत हो गई थी। भारत सरकार ने विशेष विमान से शाम में उसका शव सियालकोट भिजवा दिया था। शव के साथ सनाउल्लाह की पवित्र कुरान व अन्य वस्तुएं भी अधिकारियों को सौंप दी गईं।
पाकिस्तान ने घटना की अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है, जिसे भारत ने नकार दिया है। केंद्र ने कहा है कि भारत संयुक्त न्यायिक पैनल की बात कह चुका है। पाक को कैदी सुरक्षा के लिए कमेटी का प्रस्ताव भी दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर के जरिए सनाउल्लाह के परिवार से उसकी मौत पर माफी मांगी है। सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने सनाउल्लाह की मौत पर दुख जताया है।